फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Homeopathy Medical College built in Gorakhpur district, Kovid Hospital, protest also started

गोरखपुर जिले में होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज को बनाया कोविड हॉस्पिटल, विरोध भी शुरू

Mon, 31 May 2021 12:56 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Mon, 31 May 2021 12:56 AM IST
सार

आयुष मंत्रालय ने होम्योपैथिक चिकित्सकों को कोविड-19 के मरीजों के उपचार की अनुमति दे दी है। गोरखपुर स्थित होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज को कोविड हॉस्पिटल बना दिया गया है। इस बीच कुछ संगठन विरोध भी शुरू कर दिए हैं।

विज्ञापन
Homeopathy Medical College built in Gorakhpur district, Kovid Hospital, protest also started
corona patient

विस्तार

आयुष मंत्रालय ने होम्योपैथिक चिकित्सकों को कोविड-19 के मरीजों के उपचार की अनुमति दे दी है। गोरखपुर स्थित होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज को कोविड हॉस्पिटल बना दिया गया है। इस बीच कुछ संगठन विरोध भी शुरू कर दिए हैं।

विज्ञापन


आयुष मंत्रालय ने होम्योपैथिक चिकित्सकों को लक्षणविहीन और शुरुआती लक्षण वाले मरीजों को देखने के लिए कहा है।  जो मरीज होम आईसोलेशन में रहकर इलाज कर रहे हैं, उन्हें भी होम्योपैथिक चिकित्सक देख सकते हैं। इन मरीजों को आरसेनिकम एलबम 30 सी की चार गोली दिन में दो बार सात दिन तक देना होगा। इसी प्रकार हल्के लक्षण वाले मरीजों को एकोनिटम नेपोलस, आरसेनिकम एलबम, बेलाडोना, बरयोनिया एलबा, इयूपाटोरियम परफोलियटम, फेरम फास्फोरिकम, गलसेमियम, फास्फोरस, रस टाक्सिकोडेंड्रम दवाएं चलेंगी। दवा की खुराक डाक्टर मरीज की हालत को देखकर तय करेगा। 
विज्ञापन


इस गाइडलाइन के जारी होने के बाद गोरखपुर के राजा हरी प्रसाद मल्ल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल बड़हलगंज को कोविड अस्पताल बनाया जा रहा है। इसी तरह अन्य मेडिकल कालेजों को भी कोविड मरीजों का उपचार शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


एक तरफ तैयारी तो दूसरी तरफ विरोध भी
राजा हरी प्रसाद मल्ल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल बनाने को लेकर विरोध भी शुरू हो गया। विरोध करने वालों का तर्क है कि कॉलेज के 13 अध्यापको में से केवल 3 नियमित है और 10 संविदा पर है | उन 10 संविदा शिक्षकों की पारिवारिक व सामाजिक सुरक्षा का कोई प्रावधान नहीं किया गया है। उनकी मांग है कि सरकार संविदा शिक्षकों  की कोरोनावायरस से मृत्यु होने की स्थिति में आश्रितों व परिवार का भरण पोषण की घोषणा करें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed