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बड़ा खुलासा: सवा दो माह तक सत्ता के गलियारे में घूमती रही एसएसपी की चिट्ठी, अफसर रहे बेखबर

Sat, 04 Jan 2020 10:28 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 04 Jan 2020 10:28 AM IST
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Home department and police officials not take cognizance of SSP Vaibhav Krishna letter for 2 months
एसएसपी वैभव कृष्ण - फोटो : अमर उजाला
गौतमबुद्धनगर के एसएसपी वैभव कृष्ण की आईपीएस अफसरों को कटघरे में खड़ा करने वाली संवेदनशील चिट्ठी करीब सवा दो महीने तक सत्ता के गलियारे में इधर से उधर ही घूमती रही। 
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दिलचस्प बात यह है कि गृह विभाग और पुलिस के आला अधिकारियों ने खुद तो पत्र संज्ञान नहीं लिया, मुख्यंमत्री कार्यालय से भेजे गए निर्देशों की भी अनदेखी की। वैभव कृष्ण के खुलासे के बाद अब सत्ता के गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है।
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भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिकसोशल मीडिया में वैभव का पत्र और उनसे संबंधित वीडियो वायरल होने का खेल सामने आने के बाद इस बात की पड़ताल हो रही है कि आखिर इतने गंभीर मामले में कार्रवाई की चूक किस स्तर पर हुई। 
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शीर्ष स्तर पर कराई गई पड़ताल में कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए हैं। मसलन, एसएसपी वैभव कृष्ण ने पुलिस महानिदेशक व अपर मुख्य सचिव गृह को एक ही पत्र अलग-अलग संबोधित करके लिखा। डीजीपी को लिखे गए पत्र की प्रतिलिपि अपर मुख्य सचिव गृह और अपर मुख्य सचिव गृह को लिखे गए पत्र की प्रतिलिपि डीजीपी को भेजी गई थी। 

वैभव ने ये पत्र एक को संबोधित व दूसरे को सूचनार्थ लिखा था। इन दोनों ही पत्रों की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने के लिए भेजी गई थी।

सूत्रों के अनुसार वैभव का दिनांक रहित पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय को अक्तूबर में मिला और इसे उसी समय मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इन पत्रों को 25 अक्तूबर 2019 को ही कार्रवाई के लिए गृह व पुलिस विभाग को भेज दिया गया।

पड़ताल में तथ्य सामने आ रहे हैं कि पुलिस व गृह विभाग के अफसरों ने न सिर्फ वैभव के पत्र की अनदेखी कर दी बल्कि मुख्यमंत्री के निर्देश को भी नजरंदाज किया। 

अब सोशल मीडिया में पत्र और वीडियो वायरल होने के खेल से सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है तो अधिकारी डैमैज कंट्रोल की कोशिश में जुटे हैं।
 
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