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Ayodhya: अयोध्या में रंगभरी एकादशी पर संतों ने आराध्य श्रीराम संग खेली होली, ढोल की थाप पर जमकर किया नृत्य
Mon, 10 Mar 2025 11:39 AM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 10 Mar 2025 11:39 AM IST
सार
रंगभरी एकादशी पर रामनगरी के साधु-संतों ने जमकर होली खेली और अबीर-गुलाल उड़ाकर रंगोत्सव की मुनादी की। इस दौरान साधु-संतों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया।
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अयोध्या में रंगभरी एकादशी पर संतों ने खेला रंग।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
रंगभरी एकादशी पर सोमवार को रामनगरी के साधु-संत अपने इष्ट देव श्रीराम व उनके परम भक्त हनुमंत लला के साथ होली के रंग में रंग गए हैं। मंदिरों में साधु-संतों ने अबीर-गुलाल उड़ाकर आराध्य संग होली खेलकर रंगोत्सव की मुनादी की।
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रंगभरी एकादशी पर्व पर परंपरागत रूप से सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में सुबह नौ बजे सर्वप्रथम हनुमान जी महाराज का विधिवत पूजन-अर्चन व श्रृंगार के बाद अबीर-गुलाल लगाया गया। फिर हनुमान जी के निशान व छड़ी की पूजा-आरती की गई। नागा साधुओं ने अपने आराध्य हनुमंत लला को अबीर-गुलाल चढ़ाकर श्रद्धा निवेदित करने के बाद शोभायात्रा निकाली। संतों ने हनुमंत लला को अबीर गुलाल अर्पित कर रामनगरी में रंगोत्सव के आगाज की अनुमति मांगी।
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इस दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालु आराध्य की भक्ति में लीन नजर आए। जमकर अबीर-गुलाल उड़ा तो संतों के संग भक्त भी आस्था में मग्न होकर नृत्य करते दिखे। इसके बाद नागा साधुओं की टोली सड़कों पर निकली। संतों ने ढोल की थाप पर जमकर नृत्य किया। विभिन्न करतब भी दिखाए। रास्ते में जो मिला उसे अबीर-गुलाल लगाया, लोग हनुमान जी का प्रसाद समझकर आनंदित होते रहे।
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शोभायात्रा सरयू तट पहुंची, जहां साधुओं ने पूजन-अर्चन व स्नान के बाद मंदिरों की ओर रुख किया। नागा-साधु संतों ने मठ-मंदिरों में जाकर विराजमान विग्रह को अबीर-गुलाल लगाते हुए होली का निमंत्रण दिया। इसके बाद पंचकोसी परिक्रमा के साथ शोभायात्रा का समापन हुआ।