6 मीटर से अधिक ऊंची होर्डिंग लगाने पर रोक
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प्रदेश में शहरी लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह मीटर से अधिक ऊंची होर्डिंग लगाने पर रोक लगा दी गई है। यही नहीं, अब मनमाने तरीके से न तो होर्डिंग लगाई जा सकेंगी और न ही प्रचार किया जा सकेगा।
होर्डिंग लगाने के लिए एडवरटाइजिंग एजेंसियों को अब क्षेत्र के आधार पर बढ़ी हुई विज्ञापन दर से टैक्स चुकाना होगा।
नगर विकास विभाग ने इसके लिए उत्तर प्रदेश नगर निगमों एवं नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों में (विज्ञापन कर का निर्धारण और वसूली) संबंधी आदर्श उप विधि बनाते हुए निकायों को भेजा है।
एडवरटाइजिंग कंपनियां जमकर उठा रहीं फायदा
निकायों को इसके आधार पर अपने यहां उपविधि या नियमावली बनाते हुए इसे लागू करना होगा।
मल्टीनेशनल कंपनियों के आने के बाद से प्रचार का कारोबार काफी तेजी से बढ़ा है। एडवरटाइजिंग कंपनियां इसका जमकर फायदा उठा रही हैं, लेकिन निकायों को उस अनुपात में टैक्स नहीं मिल पा रहा।
इसलिए राज्य सरकार चाहती है कि निकाय स्तर पर ऐसी उपविधि या नियमावली बनाई जाए जिससे एडवरटाइजिंग एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाते हुए टैक्स की वसूली की जाए।
इसके आधार पर प्रचार मद में वसूली के लिए उपविधि बनाते हुए निकायों को भेजा गया है।
दुकानों से भी होगी वसूली
उपविधि में क्षेत्रवार कर का निर्धारण करने के साथ ही प्रत्येक दो वर्ष पर 10 फीसदी वृद्धि का प्रावधान किया गया है। विज्ञापन केवल निर्धारित अवधि तक के लिए ही लगाए जा सकेंगे।
विज्ञापन ऐसे रंगों और आकारों में लिखा जाएगा जो साफ-साफ दिखाई पड़े। कोई भी होर्डिंग छह मीटर से अधिक ऊंची नहीं लगाई जाएगी। दो होर्डिंग के बीच की दूरी भी छह मीटर से कम नहीं होगी।
उप विधि लागू होने के बाद दुकानों पर मनमाने तरीके से होर्डिंग नहीं लगाई जा सकेंगी और न ही विज्ञापन संबंधी पेंटिंग कराई जा सकेगी।
इसके लिए दुकानदार को संबंधित निकायों से अनुमति लेनी होगी। दुकानों पर बेचे जाने वाले सामान का नाम लिखवाना विज्ञापन की श्रेणी में नहीं होगा।
यहां नहीं लग सकेंगी होर्डिंग
प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्ग और अस्पताल भवन पर होर्डिंग लगाने पर प्रतिबंध होगा।
इसी तरह खुले स्थान, पैदल मार्ग, साइकिल मार्ग, शैक्षिक संस्थाओं, सार्वजनिक कार्यालयों, संग्रहालयों, धार्मिक स्थल तथा राष्ट्रीय महत्व के भवनों पर भी होर्डिंग नहीं लगाई जा सकेंगी।
पेड़ों पर भी विज्ञापन नहीं लटकाए या बांधे जा सकेंगे। अशिष्ट, अश्लील, घृणास्पद, वीभत्स या आपत्तिजनक विज्ञापन लगाने पर भी प्रतिबंध होगा।