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लखनऊ हिट एंड रन: खून से लथपथ बेटे को देख एएसपी मां का दिल हुआ 'लहूलुहान'... पलक झपकते ही छिन गईं सारी खुशियां
Wed, 22 Nov 2023 09:29 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 22 Nov 2023 09:29 AM IST
सार
Lucknow Hit And Run Case: लखनऊ में हिंट एंड रन का मामला सामने आया है। रईसजादों ने एएसपी मां के सामने इकलौते बेटे को एसयूवी से उड़ा दिया। हादसे में मासूम की मौत हो गई। मासूम स्केटिंग कर रहा था। रोकने के बजाय चालक वाहन लेकर भाग गया। हालांकि बाद में सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य का बेटा साथी संग गिरफ्तार कर लिया गया।
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Lucknow Hit And Run
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में जी-20 मार्ग पर मंगलवार सुबह रईसजादों की तेज रफ्तार एसयूवी ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) में तैनात एडिशनल एसपी के इकलौते बेटे को टक्कर मार दी। मां के सामने ही स्केटिंग कर रहे मासूम की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक एसयूवी लेकर भाग निकला।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दस घंटे में कार चालक सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार कर एसयूवी बरामद की। आरोपी बुधवार को कोर्ट में पेश किए जाएंगे। गाजीपुर थानाक्षेत्र के संजय गांधीपुरम निवासी श्वेता श्रीवास्तव एसआईटी में एएसपी हैं।
उनका नौ साल का बेटा नामिश सेंट फ्रांसिस की गोमतीनगर शाखा से तीसरी कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। वह स्केटिंग सीखता था। सुबह साढ़े पांच बजे श्वेता उसे जनेवश्वर पार्क में स्केटिंग का अभ्यास करवाने लाईं। कोच के साथ नामिश व उसका एक साथी जी-20 मार्ग पर स्केटिंग कर रहे थे।
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श्वेता सड़क के दूसरी तरफ थीं। इसी दौरान शहीद पथ की ओर से आई तेज रफ्तार महिंद्रा एक्सयूवी 700 ने नामिश को जोरदार टक्कर मार दी। चालक ब्रेक लगाने के बजाय एसयूवी और तेज भगा ले गया। खून से लथपथ नामिश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है।
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पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से दस घंटे में कार चालक सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य के बेटे और उसके साथी को गिरफ्तार कर एसयूवी बरामद की। आरोपी बुधवार को कोर्ट में पेश किए जाएंगे। गाजीपुर थानाक्षेत्र के संजय गांधीपुरम निवासी श्वेता श्रीवास्तव एसआईटी में एएसपी हैं।
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उनका नौ साल का बेटा नामिश सेंट फ्रांसिस की गोमतीनगर शाखा से तीसरी कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। वह स्केटिंग सीखता था। सुबह साढ़े पांच बजे श्वेता उसे जनेवश्वर पार्क में स्केटिंग का अभ्यास करवाने लाईं। कोच के साथ नामिश व उसका एक साथी जी-20 मार्ग पर स्केटिंग कर रहे थे।
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श्वेता सड़क के दूसरी तरफ थीं। इसी दौरान शहीद पथ की ओर से आई तेज रफ्तार महिंद्रा एक्सयूवी 700 ने नामिश को जोरदार टक्कर मार दी। चालक ब्रेक लगाने के बजाय एसयूवी और तेज भगा ले गया। खून से लथपथ नामिश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है।
श्वेता के पति अभिनय श्रीवास्तव गुड़गांव के निजी बैंक में अफसर हैं। हादसे की जानकारी पर डीजीपी विजय कुमार, स्पेशल डीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार समेत आलाधिकारियों ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दी।
हादसे के वक्त एएसपी श्वेता खुद वहां मौजूद थीं
श्वेता खुशी-खुशी बेटे को लेकर मंगलवार भोर घर से निकली थीं। नामिश स्केटिंग कर रहा था और श्वेता टहलते हुए फोन पर बात कर रही थीं। सबकुछ ठीक था। तभी अचानक जिगर के टुकड़े को एसयूवी ने टक्कर मार दी। खून से लथपथ बेटे को देख श्वेता का दिल लहूलुहान हो गया। दिमाग सुन्न हो गया। वह समझ नहीं पा रही थीं करें तो क्या करें। फिर बेबसी में एक मां दहाड़ मारकर चीखने चिल्लाने लगी। जो भी वहां से गुजरा वह ये देख गम में डूब गया। इकलौते बेटे की मौत मां-बाप को जिंदगी भर का गम दे गई।
श्वेता खुशी-खुशी बेटे को लेकर मंगलवार भोर घर से निकली थीं। नामिश स्केटिंग कर रहा था और श्वेता टहलते हुए फोन पर बात कर रही थीं। सबकुछ ठीक था। तभी अचानक जिगर के टुकड़े को एसयूवी ने टक्कर मार दी। खून से लथपथ बेटे को देख श्वेता का दिल लहूलुहान हो गया। दिमाग सुन्न हो गया। वह समझ नहीं पा रही थीं करें तो क्या करें। फिर बेबसी में एक मां दहाड़ मारकर चीखने चिल्लाने लगी। जो भी वहां से गुजरा वह ये देख गम में डूब गया। इकलौते बेटे की मौत मां-बाप को जिंदगी भर का गम दे गई।
नामिश को स्केटिंग का शौक था। वह हर दिन मां के साथ जनेश्वर मिश्र पार्क में स्केटिंग करने जाता था। मंगलवार को पार्क परिसर के बाहर रोड साइड में स्केटिंग का अभ्यास था। इसलिए नामिश व एक किशोर को लेकर कोच जी-20 मार्ग पर निकले थे। इसी दौरान हादसा हो गया।
नामिश टीम अवध में शामिल होकर स्केटिंग करता था। टीम के मुख्य कोच दिव्यांश अरोड़ा हैं। मगर वह मंगलवार को नहीं आए थे। उनकी जगह दूसरे कोच गौरव बच्चों को अभ्यास करा रहे थे। हादसे के बाद जब दिव्यांश से संपर्क किया गया तो एक बार कॉल रिसीव करने के बाद बिना बातचीत के ही उन्होंने कट कर दिया। दोबारा कई बार कॉल की गई मगर रिसीव नहीं हुई।
टूटा दुख का पहाड़, सदमा बर्दाश्त करना आसान नहीं
श्वेता के पति अभिनय गुरुग्राम में कार्यरत हैं। बेटे की मौत की सूचना पाते ही वह बिलखते हुए दोपहर में यहां पहुंचे। इकलौता बेटा खोने के गम में श्वेता व अभिनय पूरी तरह से टूट गए हैं। मानों गम का पहाड़ उन पर टूट गया हो। ये सदमा बर्दाश्त करना आसान नहीं है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि श्वेता पूरी तरह से सदमे में हैं। वह ठीक से बात तक नहीं कर पा रही हैं। अजीब तरह से बोल रही हैं। लोगों को पहचान तक नहीं पा रही हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेटे की मौत ने उन्हें किस तरह से झकझोर दिया है।
श्वेता के पति अभिनय गुरुग्राम में कार्यरत हैं। बेटे की मौत की सूचना पाते ही वह बिलखते हुए दोपहर में यहां पहुंचे। इकलौता बेटा खोने के गम में श्वेता व अभिनय पूरी तरह से टूट गए हैं। मानों गम का पहाड़ उन पर टूट गया हो। ये सदमा बर्दाश्त करना आसान नहीं है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि श्वेता पूरी तरह से सदमे में हैं। वह ठीक से बात तक नहीं कर पा रही हैं। अजीब तरह से बोल रही हैं। लोगों को पहचान तक नहीं पा रही हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है कि बेटे की मौत ने उन्हें किस तरह से झकझोर दिया है।
जहां स्टंट के खिलाफ अभियान चलाया, वहीं हुआ हादसा
श्वेता लंबे समय तक बतौर एसीपी गोमतीनगर तैनात रहीं। इसी सर्किल में गोमतीनगर विस्तार भी आता है। हादसा भी उसी इलाके में हुआ। गोमतीनगर में तैनाती के दौरान श्वेता ने मरीन ड्राइव समेत अन्य जगहों पर स्टंटबाजों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की थी। कभी सोचा भी न था कि एक दिन उसी तरह के दो रईसजादे रफ्तार के कहर से उनके ही बेटे की जान ले लेंगे।
श्वेता लंबे समय तक बतौर एसीपी गोमतीनगर तैनात रहीं। इसी सर्किल में गोमतीनगर विस्तार भी आता है। हादसा भी उसी इलाके में हुआ। गोमतीनगर में तैनाती के दौरान श्वेता ने मरीन ड्राइव समेत अन्य जगहों पर स्टंटबाजों के खिलाफ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की थी। कभी सोचा भी न था कि एक दिन उसी तरह के दो रईसजादे रफ्तार के कहर से उनके ही बेटे की जान ले लेंगे।