सरकार के खिलाफ हिंदू-मुस्लिम एक, दी चेतावनी
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इत्तेहाद-ए-मिल्लत के आह्वान पर प्रदेश में शराबबंदी को लेकर एक मंच पर जुटे हिंदू-मुस्लिम धर्मगुरुओं ने प्रदेश की सपा सरकार को अल्टीमेटम दिया और साफ कहा कि सूबे में वही राज करेगा जो शराब पर पूरी तरह से पाबंदी लगाएगा।
उन्होंने सूबे में शराब के दामों में कमी करने पर सरकार को निशाने पर लिया।
लक्ष्मण मेला मैदान में शराबबंदी के समर्थन में इत्तेहाद-ए-मिल्लत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि निर्भया कांड जैसी तमाम आपराधिक घटनाओं से साबित हो चुका है कि दोषी शराब के नशे में थे।
उन्होंने अपराध बढ़ने के लिए नशे को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कोई शख्स होश में रहते हुए छोटी-छोटी बच्चियों के साथ हैवानियत नहीं कर सकता।
उधर, मौलाना इरफान मियां फरंगी महली ने कहा कि यूपी सरकार राजस्व का बहाना बनाकर शराब को बढ़ावा दे रही है, जबकि यूपी से गरीब होने के बावजूद बिहार सरकार ने शराबबंदी घोषित कर दी।
नशे का सबसे ज्यादा शिकार बन रही हैं महिलाएं
मनकामेश्वर मंदिर के महंत देव्या गिरि ने कहा कि नशे का सबसे ज्यादा शिकार महिलाओं को होना पड़ता है। उन्होंने शराब जैसी बुराई को खत्म करने पर जोर दिया।
संभल के काल्कीधाम के महंत आचार्य प्रमोद कृष्णनम ने कहा कि गांधी का प्रदेश होने के कारण गुजरात में शराब पर पाबंदी है तो राम-कृष्ण की जन्मभूमि होने के कारण यूपी में भी शराब पर पाबंदी लगनी चाहिए।
धरने में ऑल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर, नवाब जाफर मीर अब्दुल्ला, समाजवादी मंच अध्यक्ष ओंकार सिंह, रामानंद फाउंडेशन के आनंद महाराज, भारत रक्षा दल के सैयद हसन अल्वी ने भी शराबबंदी की मांग की।
बीफ के निर्यात पर लगे पाबंदी
मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि गोकशी के मामलों में वही लोग शामिल हैं जो मुसलमानों पर इल्जाम लगा रहे हैं। उन्होंने बीफ सप्लाई लाइसेंस चेक करवाने व बीफ के निर्यात पर पाबंदी लगाने की मांग की।