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हाईकोर्ट ने एलडीए से तलब की 796 आवंटियों की सूची
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मकान देने में धांधली का मामला : हाईकोर्ट ने एलडीए से तलब की 796 आवंटियों की सूची
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में मकानों के आवंटन में कथित धांधली के मामले में एलडीए से वर्ष 2001 से 2007 के बीच आवंटित 796 भवनों के आवंटियों की सूची तलब की है।
मामला हरदोई रोड की बसंत कुंज आवासीय योजना में 1006 लोगों को मकानों के आवंटन का है।
जस्टिस पंकज कुमार जायसवाल और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश सरोज तिवारी और हेमा नेगी व अन्य की 2018 में दायर याचिकाओं पर दिया।
याचियों ने आश्रयहीन योजना के तहत आरक्षित अपने कब्जे वाले मकानों के आवंटन को वैध किए जाने की गुजारिश की थी।
एलडीए उपाध्यक्ष ने जवाबी हलफनामे में कहा कि उक्त योजना में याचियों को कोई मकान नहीं आवंटित किया गया था।
इस पर याचियों के वकील का कहना था कि याचिकाकर्ताओं ने उक्त योजना में मकानों के लिए आवेदन किया। पंजीकरण शुल्क जमा करने के बाद किश्तें दीं और मकान उनके कब्जे में हैं।
इस पर एलडीए के वकील का कहना था कि एक अन्य केस में कोर्ट के आदेश पर मामले की छानबीन की गई।
प्राधिकरण ने अवैध कब्जा-अतिक्रमण हटाकर 2001 से 2007 के बीच के वास्तविक आवंटियों को मकानों का कब्जा दिया।
इस योजना में 1006 मकान बनाए गए और इनमें 796 मकानों को लॉटरी से आवंटित किया गया। कोर्ट ने एलडीए से इन्हीं आवंटियों की सूची दो हफ्ते में तलब की है।
अदालत ने अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय करते हुए कहा कि तब तक एक याचिका में पारित अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा।
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में मकानों के आवंटन में कथित धांधली के मामले में एलडीए से वर्ष 2001 से 2007 के बीच आवंटित 796 भवनों के आवंटियों की सूची तलब की है।
मामला हरदोई रोड की बसंत कुंज आवासीय योजना में 1006 लोगों को मकानों के आवंटन का है।
जस्टिस पंकज कुमार जायसवाल और जस्टिस जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश सरोज तिवारी और हेमा नेगी व अन्य की 2018 में दायर याचिकाओं पर दिया।
याचियों ने आश्रयहीन योजना के तहत आरक्षित अपने कब्जे वाले मकानों के आवंटन को वैध किए जाने की गुजारिश की थी।
एलडीए उपाध्यक्ष ने जवाबी हलफनामे में कहा कि उक्त योजना में याचियों को कोई मकान नहीं आवंटित किया गया था।
इस पर याचियों के वकील का कहना था कि याचिकाकर्ताओं ने उक्त योजना में मकानों के लिए आवेदन किया। पंजीकरण शुल्क जमा करने के बाद किश्तें दीं और मकान उनके कब्जे में हैं।
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इस पर एलडीए के वकील का कहना था कि एक अन्य केस में कोर्ट के आदेश पर मामले की छानबीन की गई।
प्राधिकरण ने अवैध कब्जा-अतिक्रमण हटाकर 2001 से 2007 के बीच के वास्तविक आवंटियों को मकानों का कब्जा दिया।
इस योजना में 1006 मकान बनाए गए और इनमें 796 मकानों को लॉटरी से आवंटित किया गया। कोर्ट ने एलडीए से इन्हीं आवंटियों की सूची दो हफ्ते में तलब की है।
अदालत ने अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय करते हुए कहा कि तब तक एक याचिका में पारित अंतरिम आदेश प्रभावी रहेगा।