अमिताभ के खिलाफ जारी रहेगी विभागीय जांच : हाईकोर्ट
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आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ चल रही विभागीय जांच के मामले में राज्य सरकार मंगलवार को हाईकोर्ट पहुंच गई।
जांच अधिकारी समेत सरकारी वकील की तैनाती के आदेश को रद्द करने के केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के निर्णय को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में चुनौती दी है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि अगले आदेशों तक जांच अधिकारी द्वारा जांच जारी रहेगी लेकिन अनुशासनात्मक प्राधिकारी कोई अंतिम आदेश पारित नहीं करेगा।
अदालत ने मामले में पक्षकार अमिताभ ठाकुर और केंद्र सरकार के अधिवक्ता को अपना रुख स्पष्ट करते हुए जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया।
दी गई कैट के आदेश को चुनौती
जस्टिस देवेन्द्र कुमार अरोड़ा और जस्टिस डॉ. विजयलक्ष्मी की खंडपीठ ने मंगलवार को यह आदेश राज्य सरकार और अन्य की तरफ से दायर याचिका पर दिया। इसमें कैट के आदेश को चुनौती दी गई है।
मामले की सुनवाई के दौरान याची राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि विभागीय जांच में जांच अफसर की तैनाती में कोई कमी या गलती नहीं की गई। यह नियमानुसार हुई थी।
उधर, पक्षकारों केंद्र सरकार और अमिताभ ठाकुर की तरफ से याचिका का विरोध किया गया। कोर्ट ने उक्त आदेश देकर अगली सुनवाई 11 मई को रखी है।