फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   highcourt criticizes LDA

हाईकोर्ट के सामने बेइज्जत हुआ LDA

Fri, 22 Aug 2014 02:29 AM IST
सुधीर कुशवाहा/ अमर उजाला, लखनऊ
सुधीर कुशवाहा/ अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 22 Aug 2014 02:29 AM IST
विज्ञापन
highcourt criticizes LDA

विकास प्राधिकरणों की कार्यशैली पर सख्त ऐतराज जताते हुए हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा कि आज तक ऐसी कोई कार्य संस्कृति विकसित नहीं हो पाई है, जिससे आम जनता की दिक्कतों को आसानी से दूर किया जा सके।

विज्ञापन


प्राधिकरण नियम कानून ताक पर रखकर आवंटियों को इस पटल से उस पटल पर दौड़ाते रहते हैं। उनके गैरजिम्मेदार और संवेदनहीन रवैये से आवंटियों को न केवल वित्तीय बल्कि तमाम मानसिक तकलीफों से गुजरना पड़ता है।

विज्ञापन

दिया दो सप्ताह में मामले को निपटाने का आदेश

highcourt criticizes LDA

कोर्ट ने यह तल्ख टिप्पणी 72 वर्षीय चंद्रशेखर राजन की याचिका पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) पर की।

कोर्ट ने बृहस्पतिवार को इस पर फैसला करते हुए एलडीए को आदेश दिया कि वह 12 साल से प्लॉट पर कब्जे के लिए भटक रहे राजन को दो हफ्ते में कब्जा दिलाए।

साथ ही लापरवाही बरतने के लिए एलडीए पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश भी कर देते हैं नजरअंदाज

highcourt criticizes LDA

न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी द्वितीय की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को कहा कि विकास प्राधिकरणों के रवैये से लगता है कि उन्हें हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट के आदेशों की भी कोई परवाह नहीं है।

हाईकोर्ट और सर्वोच्च न्यायालय ने विकास प्राधिकरणों की साफ-सुथरी कार्य संस्कृति विकसित करने लिए कई आदेश पारित किए, लेकिन सब नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।

हाईकोर्ट ने मामले पर कहा कि ‘72 साल केसरकारी कर्मचारी की पीड़ा तथा उसके परिजनों द्वारा झेला जा रहे दर्द को रकम के रूप में क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती है।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed