अयोध्या मामले पर हाईकोर्ट ने सरकारों से मांगे जवाब
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अयोध्या मामले रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े रहे कुछ वकीलों को कोर्ट के पहले के निर्देशों के मुताबिक सुरक्षा न मुहैया कराए जाने के आरोप वाली अर्जी पर केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।
कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार के अधिवक्ताओं को पक्ष पेश करने को सरकारों से निर्देश लेने को कहा है।
न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपध्याय और न्यायमूर्ति राजन राय की खंडपीठ ने सोमवार को यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री की वर्ष 2012 से लंबित याचिका पर दिया।
दिए थे सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश
याची के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने अर्जी में कहा है कि पहले कोर्ट ने इसी याचिका पर अयोध्या मामले से जुड़े वकीलों को सुरक्षा मुहैया कराए जाने के निर्देश दिए थे।
जैन के मुताबिक इसके बावजूद कुछ वकीलों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। इसपर अदालत ने 30 अक्तूबर को केंद्र व राज्य सरकार के वकीलों को सरकारों से निर्देश प्राप्त करने को कहा है। जिससे उनका पक्ष पेश हो सके।
साथ ही अदालत ने इन इन दोनों वकीलों से यह भी पूछा है कि मामले संबंधी जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त शख्स के जीवन पर खतरे की आशंका पर पुनर्विचार करने को कौन अधिकृत है?