हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा- यूपी में कब है चुनाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने चुनाव आयोग से पूछा है कि क्या उसने यूपी में विधानसभा चुनाव फरवरी में कराने पर कोई निर्णय ले लिया है या इसके लिए कोई प्रस्ताव बनाया है?
आयोग ने इस पर जवाब देने के लिए समय मांगा तो हाईकोर्ट ने उसे 22 दिसंबर तक का वक्त दिया है। जस्टिस अमरेश्वर प्रताप साही और जस्टिस उमेश चंद्र श्रीवास्तव ने चुनाव आयोग से यह जानकारी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मांगी।
इस संबंध में प्रतिमा पांडेय ने याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने लिखा कि प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं फरवरी में करवाने की घोषणा की थी। इसे चुनाव आयोग ने टाल दिया ताकि चुनाव की तारीखों से इनका टकराव न हो।
याची के वकील अशोक पांडे ने दावा किया कि पिछले विस चुनाव के बाद बुलाए गए विधानसभा सत्र की तारीखों के अनुसार चलें तो मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 27 मई, 2017 तक है। ऐसे में जल्द चुनाव करवाने की जरूरत नहीं है।
फरवरी-मार्च में चुनाव करवाने के दिए संकेत
हालांकि आयोग ने परीक्षाएं टलवा कर संकेत दिया है कि वह फरवरी-मार्च में चुनाव करवाना चाहता है। उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की कि मतदाताओं की सहूलियत को देखते हुए अदालत विस चुनाव अप्रैल-मई में करने के लिए चुनाव आयोग को निर्देश जारी करे।
इस पर खंडपीठ ने आयोग ने इस संबंध में जानकारी मांगी।
आयोग की ओर से पेश एएसजी मनीष माथुर ने आयोग से निर्देश लेने के लिए बृहस्पतिवार तक का समय मांगा, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया। हाईकोर्ट अब 22 दिसंबर को याचिका पर विचार कर सकती है।