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विधान परिषद में भी हुआ जबर्दस्त हंगामा
कुमार भावेश चंद्र/अमर उजाला,लखनऊ
Updated Thu, 20 Feb 2014 09:37 AM IST
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सरकार के कामकाज से नाराज विपक्ष ने बुधवार को विधान परिषद में भी जमकर हंगामा किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विपक्ष के सदस्य सदन के रिपोर्टरों की मेज पर चढ़ गए।
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सरकार विरोधी नारे लिखे लिखे बैनरों को लहराया। सभापति गणेश शंकर पाण्डेय ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच एजेंडे का कामकाज पूरा कराकर सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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सदन की कार्यवाही बमुश्किल पांच मिनट ही चल पाई। सदन की कार्यवाही दोपहर 12.30 बजे शुरू हुई। वंदे मातरम् के तुरंत बाद संपूर्ण विपक्ष सरकार के खिलाफ नारे लगाता हुआ सभापति के आसन के सामने आ गया।
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आम तौर पर शांत रहने वाले शिक्षक दल के सदस्य भी सरकार पर हमलावर दिखे। शिक्षकों की समस्याओं का समाधान न होने से नाराज शिक्षक दल के सदस्य सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए।
बसपा और शिक्षक दल के कुछ सदस्य सदन के रिपोर्टरों के मेज पर चढ़ गए। रालोद के एकमात्र सदस्य गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का बैनर हाथ में लिए थे।
कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के लगभग सभी दल के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और गंभीर आरोप लगाए। वहीं कांग्रेस के सदस्य खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने की मांग वाले बैनर हाथ में लिए हुए थे।
शिक्षक दल के सदस्यों ने शिक्षकों की मांगों वाले बैनर लहराए। बाद में शिक्षक दल के नेता ओमप्रकाश शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार संविधान विरोधी तरीके से काम कर रही है।
शिक्षकों को लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं किया जा रहा है। न तो अब तक तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण किया गया है।
प्रोन्नत शिक्षकों का वेतनमान निर्धारित करने में अध्यापकों की सीटी ग्रेड की सेवाओं को जोड़ा जा रहा है। शर्मा ने कहा कि जब तक शिक्षकों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक सड़क से लेकर सदन तक उनका संघर्ष चलता रहेगा।
सदन में रखे गए दो अध्यादेश
विधान परिषद में बुधवार को दो अध्यादेश रखे गए। इनमें एक राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश 2014 और दूसरा पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग (संशोधन) अध्यादेश है।
इसके अलावा विधान परिषद के प्रमुख सचिव नरेंद्र कुमार चौबे ने कुछ विधेयकों के अधिनियम बनने की सूचना भी सदन को दी।
विपक्षी दलों के शोर-शराबे के बीच चौबे ने सूचित किया कि उत्तर प्रदेश विनियोग (2013-14 का द्वितीय अनुपूरक) विधेयक, 2013 उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2013।
उत्तर प्रदेश गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2013, कृषि उत्पादन मंडी (संशोधन) विधेयक 2013 और रामा विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश विधेयक 2013 को राज्यपाल की अनुमति प्राप्त हो गई है।