12 को अभेद्य दुर्ग बनेगा काशी, वजह हैं मोदी!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काशी में मोदी की उम्मीदवारी के कारण आयोग ने कड़ी सुरक्षा के लिए कवायद शुरू कर दी है, वहीं आईबी से मिले इनपुट के अनुसार इस दिन आतंकी हमले की भी संभावना है।
सूबे में पांचवें चरण का मतदान संपन्न होने के साथ ही आला अफसरों ने अंतिम यानी छठे चरण के मतदान के मद्देनजर सुरक्षा प्रबंध चौकस करने की कवायद शुरू कर दी है।
आला अफसरों ने भी माना कि वाराणसी व भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को लेकर आईबी का इनपुट है, जिसको देखते हुए सुरक्षा के सभी संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
डीआईजी लोक शिकायत सतीश गणेश ने बुधवार को यहां एनेक्सी के मीडिया सेंटर में सरकार की तैयारियों का हवाला देते हुए कहा कि वाराणसी में केंद्रीय सुरक्षा बलों की शत-प्रतिशत तैनाती की गई है यानी हर मतदान केंद्र व बूथ पर केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती रहेगी।
कड़ी सुरक्षा के बीच होगा मतदान
पीएसी व पुलिस बल को मतदान केंद्रों के बाहर और बाहरी घेरे में तैनात किया जा रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसी से मिले इनपुट को देखते हुए केंद्रीय बलों को ही सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
डीआईजी ने कहा कि छठे चरण के सभी जिलों महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, आजमगढ़, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी और मिर्जापुर जिलों के सभी 18 संसदीय क्षेत्रों में पहले से ही हाई सिक्योरिटी अलर्ट है।
एडीजी कानून-व्यवस्था मुकुल गोयल ने दावा किया कि सुरक्षा के सभी कदम उठाए गए हैं और किसी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी। संवेदनशीलता के अनुसार जिलों में केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल व राज्य के सुरक्षा बलों को भेजा गया है।
चूंकि अंतिम चरण के लिए केंद्र से अतिरिक्त सुरक्षा बल का प्रबंध हो गया है, इसलिए सुरक्षा के इंतजाम करने में कोई दिक्कत नहीं आ रही है। जरूरत के अनुसार हर जिले को सुरक्षा बल मुहैया कराने के साथ ही रिजर्व फोर्स भी रखी जा रही है।
आयोग की खास हिदायत
प्रदेश में आज पांचवे चरण का चुनाव सम्पन्न हो गया। इसके अलावा छठे चरण के लिए भी आयोग ने यूपी के अफसरों से स्पष्ट कर दिया है कि मतदान के दौरान अथवा मतगणना के मौके पर खास सतर्कता इंतजाम रहने चाहिए क्योंकि किसी भी तरह की गड़बड़ी भारी पड़ सकती है।
भाजपा समेत अन्य विपक्षी दलों की शिकायतों व यूपी के शेष दोनों चरणों के चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए उप निर्वाचन आयुक्त विनोद जुत्शी व मुख्य निर्वाचन अधिकारी उमेश सिन्हा ने शनिवार को फैजाबाद में और रविवार को वाराणसी में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
इसमें विपक्षियों की आशंका और मतदान से संबंधित जिलों में मौजूद सुरक्षा बल, वहां के संवेदनशील स्थलों और अन्य हालात का जायजा भी लिया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक आयोग ने सीधे तौर पर कहा है कि अगर किसी तरह की गड़बड़ होगी तो अफसरों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।