फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   high court strict on sound pollution due to modified scielencer in vehicle

मॉडिफाइड सायलेंसर वाले वाहनों की तेज आवाज पर हाईकोर्ट सख्त, कहा- रोकें ध्वनि प्रदूषण

Wed, 21 Jul 2021 01:57 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 01:57 AM IST
विज्ञापन
high court strict on sound pollution due to modified scielencer in vehicle
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बाइकों व अन्य वाहनों के मॉडिफाइड सायलेंसर से लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर बेहद सख्त रुख दिखाया है। अदालत नेे कानफोडू आवाज को एकांतता के अधिकार का हनन बताते हुए संबंधित आला अफसरों को इस पर सख्ती से रोक लगाने का आदेश दिया है। यही नहीं कोर्ट ने परिवहन व गृह विभाग के प्रमुख सचिवों, पुलिस महानिदेशक, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन समेत लखनऊ के यातायात पुलिस उपायुक्त से 10 अगस्त को इस आदेश पर की गई कार्रवाई रिपोर्ट तलब की है।
विज्ञापन

न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन ने मामले का स्वयं संज्ञान लेकर ‘मॉडिफाइड सायलेंसर से ध्वनि प्रदूषण’ शीर्षक से जनहित याचिका कायम करने के निर्देश देते हुए यह अहम आदेश पारित किया। अदालत ने तमाम देशी-विदेशी दोपहिया व अन्य वाहनों के सायलेंसर में मोटर व्हीकल अधिनियम के प्रावधानों को दरकिनार कर मनमर्जी से उनमें बदलाव कराकर कानफोड़ू आवाज पैदा करने को लोगों की आजादी में खलल माना है। कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिकारियों को ऐसी मोटरसाइकिलें चलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन

अदालत की तल्ख टिप्पणी
यह गंभीर मामला, जिम्मेदारों ने इस पर गौर ही नहीं किया, इसलिए कोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा। कोर्ट ने मोटर वाहन कानून के प्रावधानों व नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सायलेंसरों में तब्दीली कर कानफोड़ू आवाज निकालकर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ा करना गंभीर मामला है। संबंधित प्राधिकारियों को शुरुआत में ही इस पर गौर कर इसे रोकना चाहिए था, पर जब उन्हाेंनेे इस पर गौर नहीं किया तो कोर्ट को संज्ञान लेना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सायलेंसर में बदलाव कर तेज आवाज निकालना फैशन हो गया
अदालत ने देशी-विदेशी पावर बाइक्स में तेज आवाज के लिए सायलेंसर में कराए जा रहे बदलाव पर कहा कि आजकल यह सब फैशन हो गया है। इस सबसे बीमारों, बुजुर्गों और बच्चों को काफी दिक्कतें होती हैं। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-52 का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि इसके तहत वाहनों में परिवर्तन कराना प्रतिबंधित है।
विदेशी बाइकों पर भी लागू होता है नियम
हाईकोर्ट ने इसी एक्ट की धारा-190 (2) का भी जिक्र किया जिसके तहत ध्वनि व वायु प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई का प्रावधान है। कोर्ट ने आगे कहा कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम, विदेशी बाइकों पर भी लागू होता है।

आला अफसरों को पक्षकार बनाने के निर्देश
कोर्ट ने प्रदेश के परिवहन व गृह विभाग के प्रमुख सचिवों, डीजीपी, एसपीसीबी के चेयरमैन समेत डीसीपी यातायात, लखनऊ को याचिका में पक्षकार बनाए जाने के निर्देश देकर उन्हें इस आदेश की कॉपी भेजे जाने को कहा है। कोर्ट ने इन अफसरों को निर्देश दिया कि 10 अगस्त को वे अपने निजी हलफनामे पर कार्रवाई रिपोर्ट पेश करें। इस टिप्पणी के अदालत ने याचिका को 10 अगस्त को जनहित याचिका से संबंधित बेंच के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed