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सिंचाई कर्मियों को भुगतान न होने पर हाईकोर्ट गंभीर, कहा-समस्या का दो माह में करें निपटारा
Tue, 14 May 2019 11:46 PM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 14 May 2019 11:46 PM IST
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Lucknow High Court
सिंचाई विभाग में कार्यरत कुछ कर्मियों को पिछले दो-तीन वर्षों से भुगतान न किए जाने को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं की समस्या का दो माह में निपटारा किया जाए। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने यह आदेश रामचंद्र व छह अन्य की याचिका पर दिए।
याचिका में कहा गया कि याचीगण वर्ष 2011 से सिंचाई विभाग में वाटर डवलपमेंट टीम में कार्यरत हैं। उनमें से कुछ को जून 2017 से, कुछ को फरवरी 2017 से और कुछ कोमार्च 2016 से भुगतान नहीं किया गया है।
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याचिका में कहा गया कि याचीगण वर्ष 2011 से सिंचाई विभाग में वाटर डवलपमेंट टीम में कार्यरत हैं। उनमें से कुछ को जून 2017 से, कुछ को फरवरी 2017 से और कुछ कोमार्च 2016 से भुगतान नहीं किया गया है।
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याचियों ने सक्षम प्राधिकारी के समक्ष 7 मार्च 2019 को प्रत्यावेदन भी दिया, लेकिन उस पर कोई फैसला नहीं हो सका है। उनकी दरख्वास्त अब भी विचाराधीन है। याचिका में सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव व अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।
याचियों के अधिवक्ता नीरज कुमार मिश्र की दलील सुनने के बाद अदालत ने कहा कि अगर याचियों का प्रत्यावेदन विचाराधीन है तो सक्षम प्राधिकारी को इसका तत्काल निस्तारण करना चाहिए।
याचियों के अधिवक्ता नीरज कुमार मिश्र की दलील सुनने के बाद अदालत ने कहा कि अगर याचियों का प्रत्यावेदन विचाराधीन है तो सक्षम प्राधिकारी को इसका तत्काल निस्तारण करना चाहिए।
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अदालत ने याचियों को इस बात की भी अनुमति दी कि वे दो सप्ताह में नए सिरे से जरूरी दस्तावेजों के साथ फिर से सक्षम प्राधिकारी को प्रत्यावेदन दे सकते हैं। प्रत्यावेदन मिलने के बाद सक्षम प्राधिकारी को दो माह में मामले का निस्तारण करना होगा।