फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   High court rejects the petition demanding CBI probe in Jeeva Murder case.

Jeeva Murder: जीवा हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका नामंजूर, हाईकोर्ट ने कहा- अभी जरूरत नहीं

Wed, 14 Jun 2023 03:15 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 14 Jun 2023 03:15 PM IST
सार

लखनऊ हाईकोर्ट ने जीवा हत्याकांड से जुड़ी याचिका नामंजूर कर दी है। हालांकि, कोर्ट ने याची को आगे नई याचिका दाखिल करने की छूट दी है। कोर्ट ने कहा कि अभी यह मांग मंजूर नहीं की जा सकती है।

विज्ञापन
High court rejects the petition demanding CBI probe in Jeeva Murder case.
बरामद हुई पिस्टल व कारतूस, हत्या का आरोपी विजय यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की कोर्ट में हत्या की सीबीआई से जांच कराने की मांग नामंजूर कर दी। कोर्ट ने मामले में दाखिल एक जनहित याचिका को निस्तारित कर कहा कि इसमें किए गए सीबीआई जांच के आग्रह को अभी मंजूर नहीं किया जा सकता। क्योंकि, अभी कोर्ट के समक्ष यह विश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि जांच सही ढंग से नहीं होगी। साथ ही कोर्ट ने याची वकील को छूट भी दी कि आगे यदि उसे लगे कि जांच सही नहीं हो रही तो वह इसके लिए नई याचिका दायर कर सकता है। कोर्ट ने भरोसा जताया कि एसआईटी मामले की सही दिशा में जल्द जांच करेगी। न्यायमूर्ति देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की ग्रीष्मावकाश कालीन खंडपीठ ने यह आदेश एक स्थानीय अधिवक्ता की याचिका पर दिया।

विज्ञापन


राज्य सरकार की ओर से याचिका का विरोध करते हुए महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र व मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह का कहना था कि याचिका समय से पहले दाखिल की गई। अभी यह नहीं कहा जा सकता कि मामले की विवेचना सही तरीके से नहीं हो रही है। सरकार ने घटना वाले दिन ही तीन सदस्यीय एसआईटी बना दी थी, जो तेजी से जांच कर रही है। कोर्ट परिसरों की सुरक्षा को गंभीरता से लेने का तर्क सरकार की ओर से दिया गया। इस दलील के साथ सरकार के वकीलों ने याचिका को खारिज करने योग्य कहा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - Jeeva Murder: मुंगेर से ली थी रिवाल्वर... नेपाल के होटल में सुपारी देने वाले से मिला, शूटर के चार बड़े खुलासे
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी में बनेंगे सुपर स्टेट हाईवे: सड़कों पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए नियम बदला, चार-छह लेन तक होंगे चौड़े


याची अधिवक्ता मोतीलाल यादव का कहना था कि भरी अदालत में हुई इस हत्या से कानून के शासन की अवधारणा प्रभावित हुई साथ ही घटना को लोगों की सुरक्षा से जुड़ा होना बताया। ऐसे में प्रदेश की अदालतों के परिसरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए, जिससे कोर्ट का काम सुचारु व सुरक्षित रूप से चल सके। याची ने यह भी कहा कि घटना के तुरंत बाद सरकार ने जांच के लिए जो एसआईटी बनाई है वह पर्याप्त नहीं है, क्योंकि अदालत में हुए इस हत्याकांड की गूंज देशभर में सुनाई पड़ी है। ऐसे में इसकी गहन तफ्तीश जरूरी है। याची ने कहा कि ऐसे में हत्याकांड की विवेचना सीबीआई से कराई जानी चाहिए। कोर्ट ने आगे जरूरत होने पर नई याचिका दायर करने की छूट देकर पीआईएल निस्तारित कर दी। याचिका में राज्य सरकार समेत प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, लखनऊ पुलिस कमिश्नर समेत वजीरगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर को पक्षकार बनाया गया था।

उधर, जिला जज कोर्ट ने भी जीवा हत्याकांड की विवेचना सीबीआई से कराने की मांग वाली अर्जी कर दी है। प्रभारी जिला जज विवेकानंद शरण पांडेय ने अपने आदेश में कहा कि याचिका काल्पनिक तथ्यों और आशंकाओं के आधार पर बिना किसी लिखित सबूत के दाखिल की गई है। किसी मामले की विवेचना सीबीआई को सौंपने की शक्ति मजिस्ट्रेट या विशेष कोर्ट को नहीं है, बल्कि यह शक्ति हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को है। बता दें कि जीवा की हत्या को राज्य प्रायोजित हत्या बताते हुए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी ने सीबीआई से विवेचना कराने की मांग वाली अर्जी जिला जज की कोर्ट में दाखिल की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed