शिक्षक भर्ती पर सवाल: पद भर जाने के बाद भी काउंसलिंग जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में गणित और विज्ञान के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती के मामले में हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को तलब कर लिया है। उनसे पूछा है कि जब पहले चरण की काउंसलिंग में सभी पद भर गए तो उसके बाद भी काउंसलिंग जारी रखने का क्या औचित्य है।
जौनपुर में पहले चरण की काउंसलिंग में ही सभी पदों पर चयन कर लिया गया। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों का नाम सूची से हटाकर पुन: काउंसलिंग प्रारंभ कर दी गई। विजय शंकर आर्या और पांच अन्य ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी। याचिका पर जस्टिस डीके अरोड़ा सुनवाई कर रहे हैं।
चयन होने के बाद नाम सूची से हटाया
याची के अधिवक्ता विभू राय ने कोर्ट को बताया कि याचीगण जौनपुर में पहले राउंड की काउंसलिंग में चयनित कर लिए गए। उनके मूल शैक्षणिक दस्तावेज भी जमा करा लिए गए।
इसके बाद उनका नाम सूची से हटाकर पुन: काउंसलिंग प्रारंभ कर दी गई। कोर्ट ने पूछा है कि जब पहले चरण की काउंसलिंग में ही चयन पूरा हो गया तो फिर दूसरे, तीसरे और आगे के चरणों की काउंसलिंग किस वजह से जारी रखी गई।
इस पर स्पष्टीकरण देने के लिए प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को 18 अप्रैल को तलब किया गया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि याचीगण के लिए छह पद सुरक्षित रखे जाएं।