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12460 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में कोर्ट का आदेश, शिक्षामित्रों को काउंसलिंग में करें शामिल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 04 May 2018 03:20 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षामित्रों को बड़ी राहत देते हुए परिषदीय विद्यालयों में चल रही 12460 सहायक अध्यापक भर्ती की काउंसलिंग में शामिल करने का आदेश दिया है। नियुक्ति प्रक्रिया में ऐसे शिक्षामित्र शामिल हो सकेंगे जो पद की अर्हता रखते हैं और पूर्व में इसके लिए आवेदन कर चुके हैं, मगर सहायक अध्यापक पद पर समायोजित होने के कारण उनको 12460 की काउंसलिंग में अवसर नहीं दिया गया था।
कोर्ट ने संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जारी नियुक्ति प्रक्रिया में याचीगण को रिक्त पदों पर उनकी मेरिट के अनुसार नियमानुसार अवसर दिए जाएं। राजू प्रसाद पटेल और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन 15 दिसंबर 2016 को जारी किया था।
याचीगण उस वक्त शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे और सहायक अध्यापक होने की योग्यता भी रखते थे, इसलिए उन्होंने पद के लिए आवेदन किया था। काउंसलिंग प्रारंभ होने से पहले ही प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित कर दिया। इसके बाद याचीगण को 12460 सहायक अध्यापक की काउंसलिंग में यह कहते हुए शामिल नहीं किया गया कि उनका समायोजन मूल पद (सहायक अध्यापक) के लिए हो चुका है, लिहाजा अब आवश्यकता नहीं है।
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कोर्ट ने संबंधित बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जारी नियुक्ति प्रक्रिया में याचीगण को रिक्त पदों पर उनकी मेरिट के अनुसार नियमानुसार अवसर दिए जाएं। राजू प्रसाद पटेल और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि 12460 सहायक अध्यापक भर्ती का विज्ञापन 15 दिसंबर 2016 को जारी किया था।
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याचीगण उस वक्त शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे और सहायक अध्यापक होने की योग्यता भी रखते थे, इसलिए उन्होंने पद के लिए आवेदन किया था। काउंसलिंग प्रारंभ होने से पहले ही प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित कर दिया। इसके बाद याचीगण को 12460 सहायक अध्यापक की काउंसलिंग में यह कहते हुए शामिल नहीं किया गया कि उनका समायोजन मूल पद (सहायक अध्यापक) के लिए हो चुका है, लिहाजा अब आवश्यकता नहीं है।
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'शिक्षामित्रों को अगली भर्तियों में वेटेज दे सरकार'
कुछ शिक्षामित्रों को इसी आधार पर विभाग ने एनओसी नहीं दी। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीमकोर्ट ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया, इसलिए वह पुन: पूर्व की स्थिति में आ गए हैं। सुप्रीमकोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि सरकार शिक्षामित्रों को अगली भर्तियों में वेटेज दे। कहा गया कि 12460 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया 23 अप्रैल 2018 से प्रारंभ हुई है, इसलिए याचीगण को भी अवसर दिए जाएं।
कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए कहा कि याचीगण सहायक अध्यापक पद की योग्यता रखते हैं। समायोजन के कारण यदि उनको पूर्व में काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया था तो अब स्थिति बदल गई है। सुप्रीमकोर्ट ने भी शिक्षामित्रों को वेटेज देने का निर्देश दिया है। इसलिए याचीगण को बचे हुए पदों में उनकी मेरिट के अनुसार अवसर दिया जाए।
कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए कहा कि याचीगण सहायक अध्यापक पद की योग्यता रखते हैं। समायोजन के कारण यदि उनको पूर्व में काउंसलिंग में शामिल नहीं किया गया था तो अब स्थिति बदल गई है। सुप्रीमकोर्ट ने भी शिक्षामित्रों को वेटेज देने का निर्देश दिया है। इसलिए याचीगण को बचे हुए पदों में उनकी मेरिट के अनुसार अवसर दिया जाए।