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Lucknow: हाईकोर्ट ने कहा- एसीएस गृह, डीजीपी व एडीजी के सीडीआर सुरक्षित रखने का औचित्य नहीं

Fri, 02 Sep 2022 11:19 PM IST
अनुराग सक्सेना संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 02 Sep 2022 11:19 PM IST
सार

याची अमिताभ ठाकुर का कहना था कि एसीएस गृह व डीजीपी समेत कुल 18 अधिकारियों ने तथाकथित रेप पीड़िता व उसके साथी के आत्मदाह के मामले में उन्हें झूठा फंसाने के लिए साजिश की। उक्त अधिकारियों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखे जाएं।

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High Court Lucknow bench says there is no justification for keeping CDRs of ACS Home, DGP and ADG
लखनऊ हाईकोर्ट

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, एडीजी महिला सेल, पुलिस कमिश्नर लखनऊ समेत गोमती नगर व हजरतगंज के पुलिस अधिकारियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) सुरक्षित रखने की मांग संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की याचिका पर दिया। उन्होंने ट्रायल कोर्ट को जल्द से जल्द मामले की सुनवाई पूरी करने के भी निर्देश दिए हैं।
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याची का कहना था कि एसीएस गृह व डीजीपी समेत कुल 18 अधिकारियों ने तथाकथित रेप पीड़िता व उसके साथी के आत्मदाह के मामले में उन्हें झूठा फंसाने के लिए साजिश की। उन्होंने मांग की थी कि 27 अगस्त 2021 की सुबह पांच बजे से मध्य रात्रि तक के उक्त अधिकारियों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखे जाएं। ट्रायल कोर्ट ने अमिताभ ठाकुर की इस मांग को खारिज कर दिया। इस आदेश को उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

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