{"_id":"5bdb010abdec2269b169941b","slug":"high-court-directed-cbi-to-start-inquiry-of-assistant-teacher-recruitment","type":"story","status":"publish","title_hn":"68500 सहायक शिक्षक भर्ती: सरकार के रवैये से नाराज हाईकोर्ट ने सौंपी सीबीआई को जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
68500 सहायक शिक्षक भर्ती: सरकार के रवैये से नाराज हाईकोर्ट ने सौंपी सीबीआई को जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 01 Nov 2018 07:05 PM IST
विज्ञापन
शिक्षक भर्ती
- फोटो : pti
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
68500 सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुई धांधली और इसकी जांच में बरती जा रही अनियमितताओं से नाराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इन नियुक्तियों की जांच सीबीआई को सौंप दी। गुरुवार को इस मामले की सुनावाई करते हुए कोर्ट ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार के रवैये पर भी सख्त टिप्पणी की।
विज्ञापन
कोर्ट ने जांच के लिए नियुक्त किए गए अधिकारियों और सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपने अधिकारियों की खाल बचाने में लगी है। जिन तीन सदस्यों का चयन जांच समिति के लिए किया गया उसके दो अधिकारी उसी बेसिक शिक्षा विभाग से हैं, जिस पर सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2018 में भ्रष्टाचार करने के आरोप हैं। यहीं नहीं कोर्ट ने कमिटी द्वारा अब तक अपनायी गई जांच प्रक्रिया और रवैये पर नाराजगी व्यक्त की।
विज्ञापन
पढ़ें-सहायक शिक्षक भर्ती: 'अधिकारियों की खाल बचाने में लगी सरकार,' कोर्ट ने समझा अभ्यर्थियों का दर्द
विज्ञापन
इसके साथ ही कोर्ट ने प्रस्तुत किए गए साक्ष्य और अन्य तथ्यों को ध्यान में रखते हुए भर्ती की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी। इस मामले की अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी। कोर्ट ने सीबीआई को छह माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने को कहा है।
इस परीक्षा में हुई धांधलियों, बार-कोड के बावजूद उत्तर पुस्तिकाएं बदलने और सही जवाबों पर भी शून्य अंक देने के खिलाफ हाईकोर्ट में 41 याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनकी हाईकोर्ट में एक साथ सुनवाई की गई। प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में इन नियुक्तियों की जांच सीबीआई को सौंपने से इंकार कर दिया था। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह मजबूरी में जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दे रही है।
पढ़ें-इलाहाबाद हाईकोर्ट: 12460 सहायक शिक्षकों की भर्ती को भी हाईकोर्ट ने किया रद्द
इस मामले में सोनिका देवी व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि परीक्षा में सामने आई गड़बड़ियां नागरिकों को संविधान द्वारा मिले मूल अधिकारों का हनन करती हैं। इन मामलों को न्यायिक जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जा सकता।
याचिका पर अपने निर्णय में हाईकोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे अभ्यर्थियों के मामले सामने आए हैं, जिन्हें 65 अंक दिए गए, उनके तीन-चार प्रश्न सही होते हुए भी गलत मानकर उन्हें शून्य अंक दिए गए। सोनिका देवी के मामले में जानबूझ कर उनका चयन नहीं किया गया। यह तथ्य अभ्यर्थी के अभिव्यक्ति, जीवन और समानता के मूल अधिकारों का हनन हैं।