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Lucknow News: तेज बारिश से खेत हो रहे खराब, नहीं हो पा रही सब्जियों की बोआई

Wed, 22 Jul 2026 02:22 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2026 02:22 AM IST
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Heavy rains are damaging the fields, preventing the sowing of vegetables.
नरही में सब्जी विक्रेता।
लखनऊ। ग्रामीण इलाकों में अचानक और तेज बारिश से सब्जियों की बोआई रुक गई है। तेज बारिश से खेत खराब हो रहे हैं, जिससे लौकी, कद्दू, तरोई जैसी सब्जियों की बुआई नहीं हो पा रही है। कृषि वैज्ञानिक सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि धान, मक्का, ज्वार और अरहर जैसी फसलों को ही इस बारिश से फायदा हो रहा है।
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किसान इस समय तरोई, लौकी, कद्दू, लोबिया, बींस और पालक जैसी सब्जियां बोने में जुटे हैं, मगर तेज बारिश उनके प्रयासों को विफल कर रही है। कुछ किसान गोभी की नर्सरी भी तैयार कर रहे हैं, जो बारिश से बर्बाद हो रही है। बैंगन, टमाटर और मिर्च की बोआई पर भी संकट है।
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आवक घटी, सब्जियों के दाम बढ़े
इधर, बारिश के कारण सब्जियों की आवक घट गई है, जिससे पिछले 15 दिन में हरी सब्जियों के दाम 20-30 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ गए हैं। नरही मंडी के कारोबारी ने बताया कि लौकी 50-60 रुपये में, तरोई 40 रुपये में बिक रही है। परवल और अरबी 80 रुपये में, भिंडी 60 रुपये में बिक रही है। कद्दू के दाम 20-30 रुपये किलो पर स्थिर हैं, जबकि टमाटर 40-50 रुपये किलो बिक रहा है।
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खेती पर बारिश का असर
चंद्रगुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि पहले धीरे-धीरे बारिश होती थी। अब यह तेज रफ्तार में बदल गई है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है। धान, मक्का, ज्वार और अरहर को फायदा है, जबकि अन्य फसलों को नुकसान हो रहा है। गोभी की नर्सरी और बैंगन, टमाटर, मिर्च की रोपाई पर भी संकट है।

मचान खेती से समाधान
चंद्रगुप्त कृषि महाविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि पहले धीरे-धीरे बारिश होती थी, जो अब तेज रफ्तार में बदल गई है।
उन्होंने सलाह दी है कि किसान सब्जियों की बोआई सात से आठ फीट ऊंचे मचान बनाकर करें, इससे फसलें बचेंगी। कम रकबे में अधिक उत्पादन भी हो सकेगा। जलभराव से फसल खराब होने का खतरा भी कम होगा।
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