लखनऊ के इस अस्पताल में सस्ते में होगी दिल की जांच
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सिविल अस्पताल की कैथ लैब फिर से शुरू हो गई। इससे गरीब मरीजों को दिल की जांच के लिए लारी कार्डियोलॉजी, एसजीपीजीआई और लोहिया इंस्टीट्यूट जैसे संस्थानों में नहीं जाना पड़ेगा।
मात्र 400 रुपये में ही दिल को खून पहुंचाने वाली धमनियों में रुकावट की जांच हो सकेगी। सरकारी अस्पताल में दिल के रोगियों को सस्ता और बढ़िया इलाज देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन करोड़ रुपये खर्च कर सिविल अस्पताल में कैथ लैब बनवायी थी।
ये प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल था जहां कैथ लैब की सुविधा थी। जिससे हार्ट अटैक के रोगियों के दिल की धमनियों में रुकावट की जांच की जा सके।
इस कवायद में जापानी कंपनी शिमाट्जू ने करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से अस्पताल के पहले तल पर स्थित ऑपरेशन थिएटर में कैथ लैब का निर्माण कराया।
शुरुआत से थी लैब में गड़बड़ियां
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राजेश श्रीवास्तव को एंजियोग्राफी का प्रशिक्षण कराया गया। लेकिन इस लैब के साथ शुरुआत से ही गड़बड़ी होती गई। एक साल तक उपकरण न आने से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिला।
किसी तरह जांच शुरू हुई लेकिन फिर अचानक मशीन खराब हो गई। इस दौरान 350 एंजियोग्राफी, 25 पेसमेकर और एक एंजियोप्लास्टी की गई।
थोड़े समय तक जैसे-तैसे काम चलाया गया लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट की कमी से लैब पर ताला लग गया। अब एक बार फिर कैथ लैब में एंजियोग्राफी शुरू हो गई है।