69000 शिक्षक भर्ती मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई जारी, अर्हता अंक बदलने पर बढ़ा था विवाद
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69000 सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में राज्य सरकार समेत अन्य अभ्यर्थियों की विशेष अपीलों पर फाइनल सुनवाई शुरू कर दी है। कोर्ट इस मामले में 27 सितंबर को भी सुनवाई करेगा।
इस मामले में एकल न्यायाधीश के उस फैसले व आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 45 फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी रखे जाने के निर्देश सरकार को दिए गए थे।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति इरशाद अली की खंडपीठ के समक्ष राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने बीते मंगलवार को दलीलें दी थीं। अन्य पक्षकारों के अधिवक्ताओं की बहस जारी है।
सरकार के फैसले पर दायर हुई थी कई याचिकाएं
बृहस्पतिवार को सुनवाई के बाद पक्षकारों के वकीलों के आग्रह पर अदालत ने अगली सुनवाई 27 सितंबर को नियत की। साल की शुरुआत में हुई भर्ती परीक्षा के बाद राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक समान्य वर्ग के लिए 65 फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी तय किए थे।
सरकार के इस फैसले के खिलाफ एकल पीठ में कई याचिकाएं दायर हुईं जिन पर उक्त निर्देश दिए गए थे। इस भर्ती मामले में अभ्यर्थी राजधानी में धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।