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'स्वास्थ्य सेवा बनी यूपी की दुखती रग'
मनीष कुमार सिंह/लखनऊ
Updated Sun, 27 Oct 2013 01:49 AM IST
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प्रदेश की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है लेकिन उसकी नीतियां उस पर भारी पड़ रही है।
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डॉक्टर और बाल रोग विशेषज्ञों की बातों पर विस्तार से अधिकारियों और मंत्रियों से बात होगी ताकि प्रदेश की इस दुखती रग को खत्म किया जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में गड़बड़ी शायद इसलिए हो रही है क्योंकि नीतियां कमजोर पड़ गई हैं। सरकार अब इसमें सुधार कर चिकित्सा सेवा को बेहतर बनाएगी।
बाल रोगों को जड़ से खत्म करने, बाल मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर को नीतियों में बदलाव करके ही रोक लगाई जा सकती है।
ये विचार मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को इंडियन पीडियाट्रिक्स एकेडमी द्वारा कन्वेंशन सेंटर में लखनऊ एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स की तरफ से 34वें सीएमई कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा यूपी दुखती रग बन चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया की बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर जिम्मेदारियां पूरी नहीं हो पाई।
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इसी वजह से कमी दर्ज की जा रही है, लेकिन इसको सुधारने के लिए पूरे प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बाल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर जो कड़वी सच्चाई सुनने को मिली है उससे मैं हैरान रह गया हूं।
मुझे जितनी भी जानकारी डॉक्टरों से मिली है उसको बेहतर बनाने के लिए विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीमारी और मौतों का प्रमुख कारण है कि लोगों को शरीर की देखभाल के तौर तरीके पता नहीं है।
इसी वजह से मामूली बीमारी मौत का सबब बन रही है। ये चिंता का विषय है कि प्रदेश में बाल स्वास्थ्य चिकित्सा को सुधारने के प्रयास के बाद भी हालात खराब हैं।