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यूपी में लांच हुआ ये एप, घायल या जहरखुरानी के शिकार लोगों को पहचानने में ऐसे मिलेगी मदद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 14 Jun 2018 11:22 AM IST
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स्वास्थ्य मंत्री ने लांच किया एप
- फोटो : अमर उजाला
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हेल्प मी डियर एप से दुर्घटना में घायल या जहरखुरानी के शिकार लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी। बुधवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने इस एप को लॉन्च किया। इसे राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय गोमती नगर के ऑर्थोपैडिक सर्जन डॉ. विनोद कुमार आर्या की टीम ने बनाया है।
इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क, रेल हादसे या जहरखुरानी के बाद बेहोशी में मिले व्यक्ति की पहचान में परेशानी होने पर हेल्प मी डियर एप कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए इस एप पर पीड़ित व्यक्ति की फोटो अपलोड करनी होगी।
इन्हें जानने वाला कोई व्यक्ति भी इस एप का इस्तेमाल कर रहा है तो वह पीड़ित व्यक्ति को पहचान लेगा। पहचानकर्ता को एप के जरिये यह जानकारी मिल जाएगी कि पीड़ित की फोटो कब और कहां से अपलोड की गई है। इस तरह वह आसानी से पीड़ित से संपर्क कर सकता है।
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लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि इस एप के जरिये भीड़ में गुम हुए बच्चे की पहचान और सफर में छूटे सामान को तलाशने में भी मदद मिलेगी। एप लॉन्चिंग के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएल भार्गव भी मौैजूद थे।
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इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। चिकित्सा मंत्री ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति सड़क, रेल हादसे या जहरखुरानी के बाद बेहोशी में मिले व्यक्ति की पहचान में परेशानी होने पर हेल्प मी डियर एप कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए इस एप पर पीड़ित व्यक्ति की फोटो अपलोड करनी होगी।
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इन्हें जानने वाला कोई व्यक्ति भी इस एप का इस्तेमाल कर रहा है तो वह पीड़ित व्यक्ति को पहचान लेगा। पहचानकर्ता को एप के जरिये यह जानकारी मिल जाएगी कि पीड़ित की फोटो कब और कहां से अपलोड की गई है। इस तरह वह आसानी से पीड़ित से संपर्क कर सकता है।
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लोहिया अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि इस एप के जरिये भीड़ में गुम हुए बच्चे की पहचान और सफर में छूटे सामान को तलाशने में भी मदद मिलेगी। एप लॉन्चिंग के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमएल भार्गव भी मौैजूद थे।