आपकी रसोई में मौजूद ये मसाला, घटा देगा आपका मोटापा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आमतौर पर घरों में मेथी के बीज का उपयोग मसाले के रूप में होता है। वैज्ञानिकों का दावा है कि अगर आमतौर पर मेथी के बीजों को खाया जाए तो मोटापा नियंत्रित किया जा सकता है।
यह उन लोगों के लिए कारगर होगा जो कि अपने खाने पर काबू नहीं रख पाते और उनके शरीर में वसा की अतिरिक्त मात्रा जमा होकर मोटापा की शक्ल ले लेती है।
बृहस्पतिवार को बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पालियोबॉटनी (बीएसआईपी) में आयोजित 70वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद सीमैप के निदेशक डॉ. अनिल कुमार त्रिपाठी ने इसकी जानकारी दी। उनका कहना कि मेथी के बीजों में पाचन तंत्र को सक्रिय करने की क्षमता होती है।
इसकी वजह से एक व्यक्ति जो भी खाता है। वह तेजी से पचेगा। इससे उसके मोटापा को नियंत्रित करने में काफी मददगार हो सकता है।
ये पौधे हैं काम के
डॉ. त्रिपाठी ने इससे पहले हिन्दी सप्ताह में दिए अपने व्याख्यान में कहा कि बहुत से पौधे चिकित्सकीय महत्व के हैं। इन्हें आमतौर पर धार्मिक परंपराओं में भी जगह मिली हुई है। इनमें इनमें धतूरा, भांग, बेल पत्र, रुद्राक्ष शामिल हैं। हमें पता नहीं होता कि भांग सबसे अच्छा पाचक तत्व से बना खाद्य पदार्थ है।
रुद्राक्ष में हृदय रोगों के उपचार की क्षमता है। हालांकि उन्होंने मुद्दा उठाया कि एक आयु के बाद ही इन पौधों में ऐसे तत्व आते हैं।
सर्पगंधा को अगर डेढ़ साल से पहले तोड़ लिया जाए तो इसका खास फायदा नहीं मिलेगा। इसकी वजह तब तक उसमें औषधीय तत्वों का शामिल नहीं हो पाना होगा।
कार्यक्रम में दिल्ली विवि के पूर्व वीसी प्रो. दीपक पेंटल ने भी पुष्पधारी पौधों पर हुए अध्ययन पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम में संस्था के निदेशक प्रो. सुनील बाजपेई, आईआईटीआर के निदेशक डॉ. आलोक धवन, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सीएम नौटियाल मौजूद रहे।