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Lucknow News: सरकारी जमीनों पर लगेगा शिलापट्ट
Thu, 27 Feb 2025 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 27 Feb 2025 12:51 AM IST
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सरकारी भूमि पर लगाया गया शिलापट्ट ।
श्रावस्ती। जिले की सरकारी जमीनों का ब्योरा भूमि शिलापट्ट पर दर्ज करने की पहल डीएम ने की है। जो बाद में यह प्रयोग प्रदेश के लिए रोल मॉडल बनेगा। इससे जहां सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण मुक्त होगी, वहीं उस पर होने वाले कब्जे की पहचान आसानी से हो सकेगी।
नगर पालिका परिषद भिनगा व नगर पंचायत इकौना सहित जिले की 397 ग्राम पंचायतों में तमाम ऐसी सार्वजनिक भूमि हैं, जिसकी जानकारी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। इसका फायदा भू माफिया उठा रहे हैं। इन जमीनों पर कब्जा कर न सिर्फ इनका निजी उपयोग किया जा रहा है, उनको बेचा भी जा रहा है। हालांकि अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने इसके लिए एक प्रयोग किया है। इसके तहत नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की सभी सरकारी व सार्वजनिक भूमि चिह्नित कराकर उनका सीमांकन करवा कर वहां एक शिलापट लगाया जा रहा है। जिसपर भूमि का प्रकार, भूमि की श्रेणी, रकबा, ग्रामसभा व गाटा संख्या आदि दर्ज होगी। साथ ही इसके सुपरविजन की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के राजस्व लेखपाल, सफाईकर्मी, ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव सहित पंचायत सहायक को सौंपी जाएगी।
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यदि कोई इस भूमि पर लगा पटल हटाने का प्रयास, भूमि से छेड़छाड़ या कब्जे का प्रयास करता है तो संबंधित के विरुद्ध लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर न सिर्फ उसे जेल भेजा जाएगा, बल्कि उससे जुर्माना भी वसूला जाएगा। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मेरे द्वारा यह प्रयोग सफल रहा तो प्रदेश में भी इसे लागू किया जा सकता है।
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नगर पालिका परिषद भिनगा व नगर पंचायत इकौना सहित जिले की 397 ग्राम पंचायतों में तमाम ऐसी सार्वजनिक भूमि हैं, जिसकी जानकारी सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। इसका फायदा भू माफिया उठा रहे हैं। इन जमीनों पर कब्जा कर न सिर्फ इनका निजी उपयोग किया जा रहा है, उनको बेचा भी जा रहा है। हालांकि अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
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डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने इसके लिए एक प्रयोग किया है। इसके तहत नगर व ग्रामीण क्षेत्रों की सभी सरकारी व सार्वजनिक भूमि चिह्नित कराकर उनका सीमांकन करवा कर वहां एक शिलापट लगाया जा रहा है। जिसपर भूमि का प्रकार, भूमि की श्रेणी, रकबा, ग्रामसभा व गाटा संख्या आदि दर्ज होगी। साथ ही इसके सुपरविजन की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र के राजस्व लेखपाल, सफाईकर्मी, ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव सहित पंचायत सहायक को सौंपी जाएगी।
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यदि कोई इस भूमि पर लगा पटल हटाने का प्रयास, भूमि से छेड़छाड़ या कब्जे का प्रयास करता है तो संबंधित के विरुद्ध लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर न सिर्फ उसे जेल भेजा जाएगा, बल्कि उससे जुर्माना भी वसूला जाएगा। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मेरे द्वारा यह प्रयोग सफल रहा तो प्रदेश में भी इसे लागू किया जा सकता है।