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स्कूली शिक्षक सीखेंगे विज्ञान का क्रियाशील ज्ञान
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एचसीएल के विशेषज्ञ देंगे शिक्षकों को प्रशिक्षण
शहर के स्कूलों के शिक्षकों को विज्ञान विषयों में प्रशिक्षित किया जाएगा। किताबी ज्ञान के इतर शिक्षकों को क्रियाशील और स्थिर मॉडलों के जरिए विज्ञान के विभिन्न विषयों के संबंध में प्रयोगात्मक तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। एचसीएल फाउंडेशन ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर यह प्रस्ताव तैयार किया है। अगस्त के पहले सप्ताह से शिक्षकों को राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में निर्मित आधुनिक डिस्कवरी साइंस लैब में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एचसीएल फाउंडेशन द्वारा निर्मित आधुनिक डिस्कवरी लैब में करीब 80 क्रियाशील और स्थिर मॉडल हैं, जिनके माध्यम से खेल-खेल में छात्र बड़ी ही आसानी से कई क्रियाओं के माध्यम से छात्र विज्ञान के विभिन्न रहस्यों की बड़ी आसानी से जानकारी हासिल कर सकेंगे। किताबी ज्ञान से इतर सीखने का यह तरीका काफी रोचक होगा। हर स्कूल से गणित, बायोलॉजी, रसायन और भौतिक विज्ञान के शिक्षकों को आधुनिक लैब में एचसीएल फाउंडेशन के विशेषज्ञ प्रशिक्षित करेंगे। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शिड्यूल तैयार कर लिया गया है। एचसीएल के विशेषज्ञ अगस्त के पहले सप्ताह में शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। पहले चरण में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उसके बाद निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में विज्ञान से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके तहत छात्रों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
आंचलिक विज्ञान नगरी की तरह होगी लैब
शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद स्कूली छात्रों के लिए लैब के भ्रमण के लिए टाइम टेबल तैयार किया जाएगा। लैब को आंचलिक विज्ञान नगरी की भांति तैयार किया जा रहा है। जहां छात्र और शिक्षक न केवल लैब का भ्रमण कर सकेंगे बल्कि विज्ञान की विभिन्न क्रियाएं भी कर सकेंगे।
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शहर के स्कूलों के शिक्षकों को विज्ञान विषयों में प्रशिक्षित किया जाएगा। किताबी ज्ञान के इतर शिक्षकों को क्रियाशील और स्थिर मॉडलों के जरिए विज्ञान के विभिन्न विषयों के संबंध में प्रयोगात्मक तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। एचसीएल फाउंडेशन ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर यह प्रस्ताव तैयार किया है। अगस्त के पहले सप्ताह से शिक्षकों को राजकीय जुबली इंटर कॉलेज में निर्मित आधुनिक डिस्कवरी साइंस लैब में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
एचसीएल फाउंडेशन द्वारा निर्मित आधुनिक डिस्कवरी लैब में करीब 80 क्रियाशील और स्थिर मॉडल हैं, जिनके माध्यम से खेल-खेल में छात्र बड़ी ही आसानी से कई क्रियाओं के माध्यम से छात्र विज्ञान के विभिन्न रहस्यों की बड़ी आसानी से जानकारी हासिल कर सकेंगे। किताबी ज्ञान से इतर सीखने का यह तरीका काफी रोचक होगा। हर स्कूल से गणित, बायोलॉजी, रसायन और भौतिक विज्ञान के शिक्षकों को आधुनिक लैब में एचसीएल फाउंडेशन के विशेषज्ञ प्रशिक्षित करेंगे। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम का शिड्यूल तैयार कर लिया गया है। एचसीएल के विशेषज्ञ अगस्त के पहले सप्ताह में शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। पहले चरण में सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उसके बाद निजी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में विज्ञान से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसके तहत छात्रों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
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आंचलिक विज्ञान नगरी की तरह होगी लैब
शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद स्कूली छात्रों के लिए लैब के भ्रमण के लिए टाइम टेबल तैयार किया जाएगा। लैब को आंचलिक विज्ञान नगरी की भांति तैयार किया जा रहा है। जहां छात्र और शिक्षक न केवल लैब का भ्रमण कर सकेंगे बल्कि विज्ञान की विभिन्न क्रियाएं भी कर सकेंगे।
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