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यूपी में 850 माननीयों से सुरक्षा छीनेंगे अखिलेश!

Tue, 04 Mar 2014 01:48 PM IST
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ
विष्णु मोहन/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 04 Mar 2014 01:48 PM IST
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HC to UP government, remove cover of 288 tainted VIPs

राज्य सरकार सिर्फ 288 नहीं, बल्कि 850 लोगों की सुरक्षा वापस लेने जा रही है। जिनकी सुरक्षा वापस ली जानी है, उनमें क्रिमिनल बैकग्राउंड वालों के साथ ही लाइसेंसी असलहाधारी भी शामिल हैं।

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अपनों को नवाजने के चक्कर में जिला सुरक्षा समितियों की सिफारिश नहीं होने के बावजूद लोगों को सुरक्षा मुहैया करा दी गई। यही नहीं जिन्होंने अपनी सुरक्षा के नाम पर असलहे का लाइसेंस ले रखा था, उन्हें भी सुरक्षा दी गई।
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सरकार अदालत में दिए गए स्पष्टीकरण में स्वीकार कर चुकी है कि 562 ऐसे लोग हैं, जिनके पास लाइसेंसी असलहे होते हुए भी सुरक्षा मुहैया कराई गई। अदालत ने इस सब पर सख्त रुख दिखाया था।

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इसे देखते हुए 850 लोगों की सुरक्षा वापस लेने को लेकर उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है और इससे मातहत अधिकारियों को अवगत भी कराया जा चुका है।

सोमवार को अदालत की ओर से जारी आदेशों का अध्ययन किया जा रहा है और एक-दो दिन में ही सुरक्षा वापसी के लिए औपचारिक आदेश जारी होने हैं।

जानकारों के अनुसार प्रमुख सचिव गृह अथवा गृह सचिव द्वारा इसके लिए आदेश जारी किए जाने हैं, जिसके फौरन बाद उन पर अमल कराने की औपचारिकता सुरक्षा शाखा पूरी करेगी।

सुरक्षा विभाग आदेश मिलने के बाद हर जिले को वहां दिए गए सुरक्षाकर्मियों को वापस लेने के लिए कहेगा।

साथ ही यह भी देखेगा कि शासन के निर्देशों पर जिलों में प्रभावी अमल हुआ या नहीं। जिलों से इसके अनुपालन की रिपोर्ट हासिल कर शासन को भेजी जाएगी, जिससे अदालत को अवगत कराया जाएगा।


सरकार ने 288 ऐसे लोगों को सुरक्षा दे दी जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज थे। इससे पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में क्रिमिनल बैकग्राउंड के लोगों को सुरक्षाकर्मी मुहैया नहीं कराए गए थे।



पूर्व में बसपा शासनकाल में कुछ अपराधियों को शस्त्र का लाइसेंस दिए जाने की बात सामने आई थी, तब ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया था।

यह मामला तब सामने आया था जब यह पाया गया कि इलाहाबाद मंडल में माफिया अतीक के कई नजदीकियों को बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस दे दिए गए हैं। बहरहाल, सपा सरकार में शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की अभी तो कोई समीक्षा ही नहीं हुई है।

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