सुना है क्या: 'भारी पड़ा महंगा गिफ्ट', यहां तो 'एक जिले में दो सांसद'; तौबा! नहीं बढ़ाएंगे गलत फाइल के किस्से
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
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यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में 'भारी पड़ा महंगा गिफ्ट' की कहानी। इसके अलावा 'गजबः एक जिले में दो सांसद की कहानी' और ' तौबा! नहीं बढ़ाएंगे गलत फाइल' के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी...
भारी पड़ा महंगा गिफ्ट
पश्चिम में तैनात एक चर्चित ब्यूरोक्रेट को एक महिला अधिकारी को कीमती गिफ्ट देना महंगा पड़ गया। पहले से ही विवादों में घिरे साहब ने इस बार जूनियर अधिकारी को महंगा उपहार दिया। अधिकारी ने झिझकते हुए गिफ्ट ले लिया और घर जाकर पापा से शिकायत कर दी।
खबर वायरल है कि तमतमाए पापा साहब के पास पहुंच गए और चेतावनी भरे अंदाज में आगे से ऐसी गलती न करने की हिदायत दे डाली। हक्का-बक्का साहब लड़खड़ाते शब्दों में सफाई देते, इससे पहले ही एक बार फिर सन्नी देओल स्टाइल में महिला अधिकारी के पापा आंखें तरेरते हुए निकल गए।
गजबः एक जिले में दो सांसद
आमतौर पर एक संसदीय सीट पर एक ही सांसद चुना जाता है लेकिन सूबे में रामनगरी के बगल वाले जिले की सीट पर दो सांसद हैं। सुनने में भले ही अटपटा लग रहा हो लेकिन एक पूर्व माननीय की इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखेंगे तो भ्रम दूर हो जाएगा।
पूर्व होने के बाद भी माननीय ने इंस्टाग्राम पर वर्तमान सांसद लिखा हुआ है। दरअसल, माननीय हाथी पर सवार होकर एक बार संसद पहुंच चुके हैं लेकिन 2024 के चुनाव में कमल पकड़ लिया। लंबे समय से माननीय को वर्तमान का प्रोटोकाल नहीं मिला तो उन्होंने यही तरीका निकाल लिया कि चलो कम से कम सोशल मीडिया के जरिये बाहरी लोगों को बरगलाने में आसानी होगी।
तौबा! नहीं बढ़ाएंगे गलत फाइल
विद्यार्थियों के कल्याण में लगे महकमे ने गुरुजनों को एक साथ कई ग्रेड पे की जंप दे दी। जंप देने के फैसले पर नीचे से लेकर ऊपर तक सहमति थी लेकिन फिर नए आए साहब को किसी ने समझा दिया कि अगर कभी जांच हुई तो इसकी आंच उन पर भी आ सकती है।
इसलिए आनन-फानन फाइल खुली और सब दोषी ठहरा दिए गए। सभी के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। अब तो नीचे वाले भी कह रहे हैं कि भले ही सस्पेंड हो जाएं लेकिन ऊपर वालों के कहने पर भी गलत फाइल नहीं बढ़ाएंगे।