सुना है क्या: दिल्ली में चाहिए बीएमडब्ल्यू, साहब के बंगले में रहस्यमयी आवाजें; साहब के बंगले में रहस्यमयी आवाज
यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासन में तमाम ऐसे किस्से हैं, जो हैं तो उनके अंदरखाने के... लेकिन, चाहे-अनचाहे बाहर आ ही जाते हैं। ऐसे किस्सों को आप अमर उजाला के "सुना है क्या" सीरीज में पढ़ सकते हैं। तो आइए पढ़ते हैं इस बार क्या है खास...
विस्तार
दिल्ली में चाहिए बीएमडब्ल्यू
एक सीनियर आईएएस अधिकारी यूं तो राजधानी में बड़ी सादगी से रहते हैं। लोगों से ज्यादा मिलना-जुलना भी पसंद नहीं करते। पेज थ्री पार्टियों से भी दूरी बनाए रहते हैं लेकिन जब दिल्ली जाते हैं तो रंग और ढंग अलग दिखते हैं।
उनको एयरपोर्ट पर सरकारी गाड़ी नहीं, बीएमडब्ल्यू की दरकार रहती है। होटल भी फाइव स्टार के नीचे वाला नहीं भाता है। बाकी उनकी मस्तमिजाजी के किस्से बीते दिनों खासी चर्चा में रह चुके हैं।
साहब के बंगले में रहस्यमयी आवाजें
सड़क वाले साहब के बंगले में रात में आवाजें आती हैं। अधिकतर 12 बजे या उसके बाद। इतना भर तो साहब लंबे समय से इग्नोर कर रहे थे। हाल में ऐसी घटना हुई कि साहब की नींद उड़ी हुई है। रात में अचानक उनके कमरे का दरवाजा झटके के साथ खुल गया।
देखा गया तो आसपास कोई नहीं था। अब इसकी वजह...जितने मुंह, उतनी बातें। कुछ का कहना है कि सही उपाय तो कोई ज्योतिषी या तंत्र-मंत्र का जानकार ही बता सकता है।
पूरी नहीं हुई फरमाइश
प्रदेश में गोल बिल्डिंग वाले एक सरकारी विभाग में पिछले दिनों एक अधिकारी ने पदभार ग्रहण किया लेकिन उन्हें केबिन पसंद नहीं आया। दरअसल, बिल्डिंग के कुछ खास अधिकारियों के केबिन को संवारा गया है जबकि बाकियों के बेहद साधारण हैं।
नए अधिकारी महोदय ने अपने केबिन के लिए उच्चाधिकारी से कंप्यूटर की बड़ी स्क्रीन, सोफा और बेड की मांग कर दी। बड़े साहब से अनुरोध करने के बाद अधिकारी महोदय कुछ दिनों के अवकाश में चले गए। अभी दो दिन पहले महोदय वापस लौटे लेकिन अभी तक उनकी फरमाइश पर सुनवाई नहीं हुई।