हाईकोर्ट में हाथरस कांड की सुनवाई टली, नई तारीख लगेगी
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ के समक्ष हाथरस मामले में स्वत: संज्ञान द्वारा 'गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार' टाइटिल से दर्ज जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई होनी थी।
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के पहले के आदेश के अनुपालन में सीबीआई के अधिवक्ता ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि मामले की जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। दो दिन बाद 18 दिसंबर को सीबीआई ने हाथरस की एससी-एसटी कोर्ट में चार आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
ये था पूरा मामला
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में 14 सितंबर 2020 को चार लोगों ने कथित रूप से 19 साल की अनुसूचित जाति की युवती से सामूहिक दुष्कर्म किया था। इस दौरान युवती को गंभीर चोटें आई थीं। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान 29 सितंबर को पीड़िता की मौत हो गई थी।
पीड़िता की 30 सितंबर को रात के अंधेरे में उसके घर के पास ही अंत्येष्टि कर दी गई थी। उसके परिवार का आरोप था कि स्थानीय पुलिस ने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर किया, जबकि स्थानीय पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों का कहना था कि परिवार की इच्छा के मुताबिक ही अंतिम संस्कार किया गया। कोर्ट के आदेश के तहत गत 16 जनवरी को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में हाथरस कांड सम्बंधी ऑडियो विजुअल पक्षकारों को दिखाए गए थे।