{"_id":"619fb59f79fbeb1d494224ea","slug":"hathras-case-hearing-in-the-high-court-on-the-issue-of-relief-to-the-victim-s-family-today-the-state-government-presented-relief-documents","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस कांड : पीड़िता के परिवार को राहत के मुद्दे पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज, राज्य सरकार ने पेश किए थे राहत संबंधी दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस कांड : पीड़िता के परिवार को राहत के मुद्दे पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज, राज्य सरकार ने पेश किए थे राहत संबंधी दस्तावेज
Fri, 26 Nov 2021 02:25 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 26 Nov 2021 02:25 AM IST
सार
पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार की तरफ से राहत योजना संबंधी अधिसूचनाओं व शासनादेशों को पेश किया गया था। कोर्ट ने इन्हें रिकॉर्ड पर लेकर पीड़िता के परिवार की अधिवक्ता को राहत मामले में हलफ नामा दाखिल करने को हफ्ते भर का समय दिया था।
विज्ञापन
हाथरस कांड
- फोटो : amar ujala
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में शुक्रवार को हाथरस मामले में पीड़िता के परिवार को राहत के मुद्दे पर सुनवाई होगी। मामले में राज्य सरकार की ओर से राहत योजना संबंधी दस्तावेज पेश हो चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले को पहले के आदेश के तहत 26 नवंबर को सूचीबद्ध किया जाए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को यह आदेश हाथरस मामले में स्वत: संज्ञान द्वारा ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ शीर्षक से कायम जनहित याचिका पर दिया। पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार की तरफ से राहत योजना संबंधी अधिसूचनाओं व शासनादेशों को पेश किया गया था। कोर्ट ने इन्हें रिकॉर्ड पर लेकर पीड़िता के परिवार की अधिवक्ता को राहत मामले में हलफ नामा दाखिल करने को हफ्ते भर का समय दिया था। इससे पहले सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने कोर्ट को बताया था कि परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा मिल चुका है।
विज्ञापन
वहीं मामले में बतौर न्यायमित्र नियुक्त किये गए वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर ने अदालत को बताया था कि संबंधित अधिनियम के तहत मृतक आश्रित को पांच हजार रुपये पेंशन, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, कृषि भूमि, मकान व स्नातक तक पढ़ाई का खर्च इत्यादि दिए जाने का प्रावधान है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 26 नवंबर को नियत की है।
विज्ञापन