फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Hashim Ansari reacts on Subrahmanyam Swami statement.

राम मंदिर पर स्वामी के बयान पर भड़के हाशिम अंसारी

Fri, 08 Jan 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ/अयोध्या
ब्यूरो/ अमर उजाला, लखनऊ/अयोध्या Updated Fri, 08 Jan 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
Hashim Ansari reacts on Subrahmanyam Swami statement.

इस साल दिसंबर तक अयोध्या में मंदिर निर्माण का काम शुरू होने से संबंधित भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी के बयान पर बाबरी मस्जिद के मुद्दई मो. हाशिम अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए इसे हास्यास्पद व चुनावी करार दिया।

विज्ञापन


वहीं, बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक एडवोकेट जफरयाब जीलानी ने इसे जानबूझकर दिया गया राजनीतिक बयान बताया।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारिणी सदस्य व ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भाजपा नेता के बयान को खौफनाक बताते हुए नफरत फैलाने वाला करार दिया।
विज्ञापन


बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी अस्वस्थ हैं। पैर में फ्रेक्चर और कमर व सीने में दर्द से चलना-फिरना बंद हो गया है। बोलने में भी तकलीफ है, लेकिन सुब्रमण्यम स्वामी के बयान पर चुप नहीं रह सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

...लगता है चुनाव आ गए हैं

Hashim Ansari reacts on Subrahmanyam Swami statement.

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, लगता है चुनाव आ गए हैं, अब रामलला का मंदिर भी नेता लोग बनवा देंगे। ऐसा हर बार होता है, सारी पैंतरेबाजी चुनाव के लिए है।

कहा, फैसला आते-आते इस आंदोलन से जुड़े कई लोग जीवित ही नहीं बचेंगे। इस तरह का बयान यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए दिया जा रहा है लेकिन जनता अब झांसे में आने वाली नहीं है।

कोर्ट के फैसले से अलग अयोध्या में कुछ भी नहीं होने वाला है। चुनावी तैयारी में भाजपा के लोग कानून व कोर्ट को ताक पर रख रहे हैं। जब सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई ही शुरू नहीं हो सकी तो फैसला कहां से आ जाएगा।

...मुस्लिमों ने चूड़ियां नहीं पहनी है

Hashim Ansari reacts on Subrahmanyam Swami statement.

अयोध्या में शिलापूजन के बाद बाबरी मस्जिद के लिए भी पत्थर मंगाने का बयान देकर सुर्खियों में आने वाले एक पक्षकार हाजी महबूब ने कहा, मोदी का जमाना जा चुका है। बिहार और दिल्ली हारने के बाद राममंदिर के बहाने 2017 की तैयारी है। उसी को भुनाने के लिए यूपी में कल्याण सिंह को लाने की योजना है।

लेकिन कोर्ट के अलावा किसी की हैसियत नहीं है कि मंदिर निर्माण करा सके। मुस्लिम चूड़ियां नहीं पहने हुए हैं। मेरे पक्ष में फैसला आएगा तब भी उस स्थान को छोड़ दूंगा, कोई निर्माण नहीं करूंगा।

स्वामी के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि इनको न मंदिर से मतलब है न मस्जिद से। ये सब 2017 के लिए चुनावी बयानबाजी है। हाजी महबूब ने कहा, अयोध्या में मंदिर बने इसका स्वागत है लेकिन कम से कम भाजपा के लोग कोर्ट के फैसले का इंतजार तो करें, अभी तो न्यायिक प्रक्रिया अधूरी है।

हम फैसले का स्वागत करेंगे लेकिन अगर सुब्रमण्यम स्वामी किसी भी सूरत में मंदिर निर्माण की बात कर रहे हैं तो ये बेबुनियाद नहीं हो सकता। जनता प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी के स्वामी जैसे नेताओं को जान चुकी है। अब कोई इन पर भरोसा नहीं करने वाला।

सुब्रमण्यम फ्री लांसर टाइप नेता

Hashim Ansari reacts on Subrahmanyam Swami statement.

बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के संयोजक जफरयाब जीलानी ने कहा कि भाजपा की ओर से मंदिर निर्माण पर ऐसी बयानबाजी जानबूझकर की जाती है ताकि हिंदू समुदाय में भाजपाई विचारधारा के लोगों को लगे कि भाजपा मंदिर मुद्दे पर काम कर रही है, उसे भूली नहीं है।

अभी भाजपा सांसद साक्षी महाराज का बयान आया कि मंदिर निर्माण के लिए मुस्लिम समुदाय के 6 लाख लोगों ने दस्तखत कर अपनी सहमति दे दी है और लोगों से बातचीत चल रही है।

उन्होंने कहा, उनकी बातचीत न तो पर्सनल लॉ बोर्ड से हुई और न ही बाबरी मस्जिद के किसी पक्षकार से, तो सवाल ये है कि वो बातचीत किससे कर रहे हैं। जीलानी ने कहा, सपा सरकार प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सचेत है।

केंद्र सरकार से कोई आशा नहीं है क्योंकि भाजपा नेता व सांसद बगैर आलाकमान की सहमति के ऐसे बयान नहीं दे सकते। केंद्र सरकार नेताओं का निजी बयान बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेती है। उन्होंने सुब्रमण्यम को फ्री लांसर टाइप नेता बताया। कहा, उनकी कोई हैसियत नहीं जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट जाया जाए।

दो बड़ी कौमों के बीच नफरत का बीज बोने की कोशिश

Hashim Ansari reacts on Subrahmanyam Swami statement.

ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भाजपा नेता के बयान को खौफनाक बताया। कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी का बयान पूरी तरह देश की दो बड़ी कौमों के बीच नफरत का बीज बोने की कोशिश है।

मामला सुप्रीम कोर्ट में है, ऐसे में अदालत का फैसला आने से पहले मंदिर निर्माण की तारीख तय करने का बयान चौंकाने वाला है। केंद्र सरकार को चाहिए कि इस तरह की बयानबाजी पर अपना रुख साफ करे और इस पर रोक लगाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed