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Lucknow News: हत्याकांड में हरदोई कनेक्शन आया सामने...कौन था मददगार
Fri, 08 Aug 2025 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 08 Aug 2025 12:22 AM IST
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शूटरों के पास से बरामद बाइक।
सीतापुर। राघवेंद्र बाजपेयी की हत्या के बाद शूटर संजय व राजू दिल्ली के आसपास के इलाकों में जाकर छिप गए थे। पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर शूटरों की पहचान का दावा किया। इसकी भनक शूटराें को लग गई। लगातार हो रहे प्रदर्शन व पुलिस के कसते शिकंजे से बचने के लिए शूटरों ने कुछ लोगों से संपर्क किया। किसी से पैसा मांगा तो किसी से शरण।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों शूटर कुछ राजनेताओं के संपर्क में भी आए। इनमें से एक हरदोई व दूसरा शाहजहांपुर का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस इस इनपुट की पड़ताल कर रही है। बता दें कि दोनों शूटर पांच माह तक पुलिस को चकमा देते रहे।
एहतियातन फोन का इस्तेमाल करता था संजय: संजय को अपनी पत्नी से बात करने का मन करता था। इस पर वह अपने ठिकाने से निकलता, बस पर बैठकर कुछ दूर सफर करता। इसके बाद की पैड वाले साधारण मोबाइल से पत्नी को कॉल करता। हर बार वह सर्विलांस सेल को गच्चा देने का प्रयास करता रहा।
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गैर प्रांत के कनेक्शन की भी पड़ताल तेज
संजय व राजू ने जिन असलहों का राघवेंद्र हत्याकांड में इस्तेमाल किया था। वह गैर प्रांत के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जब संजय व राजू का एनकाउंटर किया तो संजय ने पहली गोली एक मुंगेरी पिस्टल से चलाई। इस पर मेड इन यूएसए लिखा था। यह 32 बोर की पिस्टल है।
राजू गाड़ी चलाता रहा। उसके पास से भी एक कार्बाइन, दो तमंचे, नौ नाइन एमएम कारतूस, दस 32 बोर कारतूस, 315 बोर के 17 कारतूस, एक की पैड वाला मोबाइल फोन, साइकिल की 19 चाभियां, एक पॉकेट डायरी, एक बाइक वाहन संख्या यूपी 32 एमएस 5575 बरामद हुई है।
यह साफ दर्शाता है कि ये दोनों किसी बाहरी कनेक्शन के संपर्क में थे। इसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार दोनों शूटर कुछ राजनेताओं के संपर्क में भी आए। इनमें से एक हरदोई व दूसरा शाहजहांपुर का बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस इस इनपुट की पड़ताल कर रही है। बता दें कि दोनों शूटर पांच माह तक पुलिस को चकमा देते रहे।
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एहतियातन फोन का इस्तेमाल करता था संजय: संजय को अपनी पत्नी से बात करने का मन करता था। इस पर वह अपने ठिकाने से निकलता, बस पर बैठकर कुछ दूर सफर करता। इसके बाद की पैड वाले साधारण मोबाइल से पत्नी को कॉल करता। हर बार वह सर्विलांस सेल को गच्चा देने का प्रयास करता रहा।
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गैर प्रांत के कनेक्शन की भी पड़ताल तेज
संजय व राजू ने जिन असलहों का राघवेंद्र हत्याकांड में इस्तेमाल किया था। वह गैर प्रांत के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने जब संजय व राजू का एनकाउंटर किया तो संजय ने पहली गोली एक मुंगेरी पिस्टल से चलाई। इस पर मेड इन यूएसए लिखा था। यह 32 बोर की पिस्टल है।
राजू गाड़ी चलाता रहा। उसके पास से भी एक कार्बाइन, दो तमंचे, नौ नाइन एमएम कारतूस, दस 32 बोर कारतूस, 315 बोर के 17 कारतूस, एक की पैड वाला मोबाइल फोन, साइकिल की 19 चाभियां, एक पॉकेट डायरी, एक बाइक वाहन संख्या यूपी 32 एमएस 5575 बरामद हुई है।
यह साफ दर्शाता है कि ये दोनों किसी बाहरी कनेक्शन के संपर्क में थे। इसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।