पुलिस-वकील विवाद: हापुड़ के एसीपी और सीओ हटाए गए, बरेली और सहारनपुर में हुआ ट्रांसफर
हापुड़ में हुए वकीलों और पुलिस के बीच संघर्ष के बाद बने विवाद के बीच हापुड़ के एसीपी और सीओ को हटा दिया गया है।
विस्तार
राज्य सरकार ने अधिवक्ताओं की मांग पर हापुड़ के एडिशनल एसपी और सीओ का तबादला कर दिया है। बता दें कि बृहस्पतिवार को आंदोलनरत अधिवक्ताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक में हड़ताल खत्म करने की सहमति बनी थी। अधिवक्ता संगठनों ने अपनी बाकी मांगों के अलावा हापुड़ में तैनात पुलिस अधिकारियों को हटाने को भी कहा था। शुक्रवार को अधिवक्ताओं के काम पर वापस लौटने के बाद राज्य सरकार ने उनकी मांग को मानते हुए दो पीपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। आदेश के मुताबिक हापुड़ के एडिशनल एसपी मुकेश चंद्र मिश्रा का तबादला बरेली में एडिशनल एसपी ग्रामीण के पद पर किया गया है। वहीं बरेली के एडिशनल एसपी ग्रामीण राजकुमार को हापुड़ भेजा गया है। इसी तरह हापुड़ में तैनात सीओ अशोक कुमार सिसौदिया का तबादला सहारनपुर किया गया है। वहीं सहारनपुर में तैनात जितेंद्र कुमार शर्मा को हापुड़ भेजा गया है।
बृहस्पतिवार को खत्म हुई थी हड़ताल
लखनऊ में हापुड़ में वकीलों पर लाठीचार्ज के विरोध में प्रदेश में चल रही वकीलों की हड़ताल समाप्त हो गई थी। बृहस्पतिवार शाम उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन और सरकार के अधिकारियों के बीच हुई बातचीत में सरकार ने पांच सूत्री मांगों पर सहमति दी। सरकार के आश्वासन के बाद एसोसिएशन ने हड़ताल समाप्ति की घोषणा की।
इन मांगों पर बनी थी सहमति
उत्तर प्रदेश काउंसिल के चेयरमैन श्रीकिशोर गौड के नेतृत्व में काउंसिल के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र से लोकभवन में मुलाकात की। काउंसिल के पदाधिकारियों और शासन के अधिकारियों के बीच करीब एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत चली। काउंसिल के सह अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने बताया कि सरकार ने हापुड़ के एएसपी को हटाने, सीईओ और पुलिस निरीक्षक को निलंबित करने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने के लिए कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। सरकार ने हापुड़ प्रकरण में वकीलों पर प्रदेश भर में दर्ज मुकदमे वापस लेने और एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने का भी आश्वासन दिया। सरकार के आश्वासन के बाद काउंसिल ने हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की है।