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हज यात्रा: 50 पार था पारा, 40 किमी तक चले पैदल... गर्मी ऐसी कि बेहोश होकर गिर रहे थे; मक्का से बताई आपबीती
Thu, 20 Jun 2024 01:46 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 20 Jun 2024 01:46 PM IST
सार
सऊदी अरब में भीषण गर्मी के बीच भारत के हाजियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां का तापमान 50 डिग्री से ऊपर चला गया है। ऐसे में हाजियों को 40 किमी तक पैदल चलना पड़ा है। हज सेवक नदारद रहे। बसों की व्यवस्था दुरुस्त नहीं थी। मक्का से हज यात्री ने अमर उजाला को आपबीती बताई है।
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मक्का में भीषण गर्मी में भारत के हाजी परेशान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सऊदी अरब में भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी से हज यात्रा पर गए 600 से अधिक हाजियों की मौत हो चुकी है। इस बार सऊदी में हाजी काफी परेशान हैं। राजधानी लखनऊ से हज के लिए गए हाजियों ने वहां के हालात बयां किए हैं।
दरअसल, सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान भीषण गर्मी से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई, जिसमें 68 भारतीय भी शामिल हैं। वहां के एक राजनयिक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसा मना जा रहा है कि हज यात्रा करने आए जायरीन में अधिकतर बुजुर्ग थे और मौसम परिवर्तन के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई।
सऊदी अरब में राजनयिक ने कहा, "हमने लगभग 68 मरने वाले लोगों की पुष्टि की है। कुछ प्राकृतिक कारणों से मारे गए। यहां आने वाले कई जायरीन बुजुर्ग थे। कुछ लोगों की मौत बदलते मौसम के कारण हो गई।" अरब के दो राजनयिक ने इस बात की पुष्टि की कि हज के दौरान 550 जायरिनों की मौत हो चुकी है।
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मरने वालों में 323 मिस्र के और जॉर्डन के 60 लोग शामिल हैं। इनके अलावा इंडोनेशिया, ईरान, सेनेगल, ट्यूनीशिया और ईराक के द्वारा भी मौतों की पुष्टि की गई है। हालांकि, कई मामलों में अधिकारियों ने मौतों के कारणों का खुलासा नहीं किया।
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दरअसल, सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान भीषण गर्मी से मरने वालों की संख्या 600 से अधिक हो गई, जिसमें 68 भारतीय भी शामिल हैं। वहां के एक राजनयिक ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसा मना जा रहा है कि हज यात्रा करने आए जायरीन में अधिकतर बुजुर्ग थे और मौसम परिवर्तन के कारण कुछ लोगों की मौत हो गई।
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सऊदी अरब में राजनयिक ने कहा, "हमने लगभग 68 मरने वाले लोगों की पुष्टि की है। कुछ प्राकृतिक कारणों से मारे गए। यहां आने वाले कई जायरीन बुजुर्ग थे। कुछ लोगों की मौत बदलते मौसम के कारण हो गई।" अरब के दो राजनयिक ने इस बात की पुष्टि की कि हज के दौरान 550 जायरिनों की मौत हो चुकी है।
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मरने वालों में 323 मिस्र के और जॉर्डन के 60 लोग शामिल हैं। इनके अलावा इंडोनेशिया, ईरान, सेनेगल, ट्यूनीशिया और ईराक के द्वारा भी मौतों की पुष्टि की गई है। हालांकि, कई मामलों में अधिकारियों ने मौतों के कारणों का खुलासा नहीं किया।
बताया गया है कि मक्का में तापमान करीब 52 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। लू के चलते कई देशों के हाजियों की मौत हो गई। लखनऊ से गए लोगों का भी बुरा हाल है। प्रचंड गर्मी में खुले आसमान के नीचे हाजी परेशान रहे। इन्होंने अमर उजाला को आपबीती बताई है।
महानगर इलाका निवासी इस्लाम अहमद पत्नी कायनात परवीन के साथ हज पर सऊदी अरब गए हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत से हज कमेटी ऑफ इंडिया की बदइंतजामी सामने आने लगी। सोमवार को हज के अरकान के आखिरी दिन तापमान 50 डिग्री से ऊपर था। मीना से अराफात के मैदान तक जाने के लिए बसों की व्यवस्था सही नहीं थी।
खादिमुल हुज्जाज से भी संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऐसे में हाजियों को 30 से 40 किमी तक पैदल चलना पड़ा। खुले आसमान के नीचे भीषण गर्मी में पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं थी। इससे कई लोगों की जान तक चली गई। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी भारतीय के मरने की आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन कई लोग लापता हैं।
गर्मी ऐसी कि बेहोश होकर गिर रहे थे लोग
लखनऊ से हज के लिए गए सैयद असलम अली ने बताया कि मंगलवार दोपहर तापमान 50 डिग्री था। सोमवार को तो यह इससे भी ऊपर था। इंडियन हज मिशन ने हाजियों को सलाह दी थी कि गर्मी और लू से बचने के लिए शाम चार बजे तक खेमों से न निकलें।
लखनऊ से हज के लिए गए सैयद असलम अली ने बताया कि मंगलवार दोपहर तापमान 50 डिग्री था। सोमवार को तो यह इससे भी ऊपर था। इंडियन हज मिशन ने हाजियों को सलाह दी थी कि गर्मी और लू से बचने के लिए शाम चार बजे तक खेमों से न निकलें।
सुबह 11 से शाम चार बजे तक जमरात न जाएं। बस्ती के हज यात्री नदीम अली खान ने बताया कि खेमों के गेट बंद करवा दिए गए थे। गर्मी का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि लोग बेहोश होकर गिर रहे थे।