फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   grp will keep eye on criminals in the jail too

जेल में भी अपराधियों पर नजर रखेगी जीआरपी, उठाए जाएंगे ये कदम

Sat, 23 Dec 2017 01:12 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 23 Dec 2017 01:12 PM IST
विज्ञापन
 grp will keep eye on criminals in the jail too
डेमो - फोटो : डेमो

ट्रेनों में अपराध पर काबू पाने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अपनी परंपरागत कार्यप्रणाली में बदलाव करने जा रही है। अब जीआरपी ट्रेन में अपराध करने वालों को जेल के भेजने के बाद भी उन पर नजर रखेगी। जिससे उनके जमानत पर रिहा होते ही ट्रेनों में चलने वाले स्क्वॉयड को इस बारे में सतर्क किया जा सके।

विज्ञापन


ट्रेनों में अपराध रोकने के लिए जीआरपी अभी पारंपरिक शैली में काम कर रही है। इसमें अपराधियों को जेल भेजने के बाद जीआरपी की भूमिका समाप्त मान ली जाती है। नतीजा चंद महीनों में ही जेल से रिहा होकर यह बदमाश फिर से ट्रेनों में लूटपाट, हत्या, छिनैती व जहरखुरानी जैसे अपराधों में लिप्त हो जाते हैं।
विज्ञापन


इससे लंबे समय तक अपराध लगाम नहीं लग पाती है। अब जीआरपी ने अपराध नियंत्रण के लिए पुलिसिंग में कई बदलाव कर रही है। पिछले दिनों अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे विजय कुमार मौर्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसका फैसला हुआ था। नई व्यवस्था के मुताबिक पुलिस अब बदमाशों का पीछा तब तक नहीं छोड़ेगी,
विज्ञापन
विज्ञापन


जब तक वह ट्रेनों में अपराध न छोड़ दें। इसके लिए जेल में अपराधी की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही घर-परिवार के सदस्यों से भी संपर्क किया जाएगा। उन्हें इस बात के लिए जागरूक किया जाएगा कि उसे यह रास्ता छोड़ने के लिए समझाएं। एडीजी रेलवे ने सभी एसपी रेलवे को नई व्यवस्था पर अमल करने को कहा है।

ट्रेन में पुलिस का फोन नंबर होगा चस्पा

 grp will keep eye on criminals in the jail too
डेमो

उठाए जाएंगे यह कदम

- ट्रेन के हर कोच में एस्कॉर्ट ड्यूटी करने वाले पुलिस का फोन नंबर कोच में चस्पा होगा।
- ड्यूटी करने वाले पुलिस कर्मी को कोच में कम से कम 10 यात्रियों से बात करनी होगी।
- इसकी निगरानी जीआरपी मुख्यालय स्तर से होगी, इसकी रिपोर्ट एडीजी को दी जाएगी।
- ड्यूटी पर जाने वाले पुलिस कर्मी के लिए रोज तय एक टारगेट किया जाएगा। 

- अपराधियों पर दर्ज पुराने मुकदमों में सजा दिलाने के लिए कोर्ट में पैरवी होगी। 
- दोबारा अपराध करने पर जमानतदार पर दबाव बनाकर जमानत निरस्त कराई जाएगी।
- गतिविधियां न बदलने वाले अपराधियों पर की जाएगी गैंगेस्टर लगाने की कार्रवाई।
- अपराध छुड़वाने के लिए परिवार व संबंधियों की काउंसलिंग कराई जाएगी। 

लीक से हटकर काम करने से ही ट्रेनों में अपराध पर काबू पाया जा सकता है। इसको ध्यान में रखकर कुछ नए प्रयोग किए जा रहे हैं। अपराधियों की गतिविधियों पर सतत नजर रखे बिना ट्रेनों की सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता नहीं बनाई जा सकती।
- विजय कुमार मौर्य, अपर पुलिस महानिदेशक, रेलव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed