फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

मोदी की योजना पंचर कर रहे बैंक, जानिए कैसे?

Tue, 23 Sep 2014 01:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 23 Sep 2014 01:39 PM IST
विज्ञापन
ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

मेरा खाता-भाग्य विधाता। प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत के समय आम आदमी को बैंक में खाता खुलवाने को प्रेरित करने के लिए यह टाइटल दिया गया।

विज्ञापन


जमीनी हकीकत देखें तो यहां लोगों के बैंक खाता खोलने की जगह उनका भाग्य विधाता खुद बैंक स्टाफ  ही बना हुआ है। अब स्टाफ ही तय करेगा कि आपका खाता खुलेगा या नहीं।
विज्ञापन


कहीं फॉर्म देने में आना-कानी तो कहीं खाता खोलने के लिए अलग-अलग तरह की पचड़ेबाजी। योजना का नाम सुनते ही स्टाफ का तो व्यवहार ही बदल जाता था।

परिणाम, बैंक खाता खुलने की कोई संभावना ही नहीं थी। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने जब अलग-अलग इलाकों में बैंकों की ब्रांच में जाकर पड़ताल की तो पूरी हकीकत सामने आ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए छह रिपोर्टर अलग-अलग जगह बैंकों में पहुंचे और खाता खुलवाने के लिए आवेदन कराने की मांग स्टाफ से की। पीएम जनधन योजना की स्थानीय हकीकत को सामने लाती अमर उजाला टीम की एक लाइव रिपोर्ट।

‘100 रुपए में खुलेगा जीरो बैलेंस एकाउंट’

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

रिपोर्टर-1
बैंक- कॉरपोरेशन बैंक
ब्रांच- विवेक खंड-2, गोमतीनगर
समय- सुबह 10:35 बजे


सुबह बैंक खुलते ही रिपोर्टर गोमतीनगर के विवेकखंड-2 स्थित कॉरपोरेशन बैंक पहुंचा। काउंटर पर बैठी युवती से पूछा कि खाता खुलवाना है। किससे इसकी जानकारी मिलेगी? उधर से जबाव के रूप में सवाल आया कि कौनसा एकाउंट खुलवाना है सेविंग?

रिपोर्टर ने हां में जबाव देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना में खुलवाना है। युवती ने बराबर की सीट की तरफ  इशारा करते हुए कहा कि यादव जी से पूछो। युवती की तरह इस सीट पर भी कोई नेमप्लेट नहीं थी। यादव जी अपनी सीट से नदारद थे।

थोड़ी देर बाद पुरुष स्टाफ ने एंट्री की। बिना सीट पर बैठे ही कुछ काम करते रहे। इस पर युवती ने टोका कि यादव जी ग्राहक को जनधन योजना का फॉर्म दे दीजिए। यादव जी ने उपेक्षित सी निगाह से फॉर्म उठाकर दे दिया और चलने लगे। रिपोर्टर ने आवाज लगाई और पूछा कि सर थोड़ी जानकारी तो दे दीजिए।

खाता खोलने के लिए क्या करना होगा? आईडी क्या चाहिए। उन्होंने जबाव दिया कि एक आईडी, एक फोटो और 100 रुपए चाहिए। रिपोर्टर ने कहा कि 100 रुपए क्यों, यह तो जीरो बैलेंस एकाउंट है ना? जबाव आया, कि खाता खोलने के बाद उसे चलाने और एटीएम जारी करने केलिए भी तो पैसे एकाउंट में होने चाहिए। बिना रुपए जमा किए एटीएम नहीं मिल पाएगा।

रिपोर्टर ने एक और जिज्ञासा दिखाई। मैं यहां किराए पर रहता हूं। प्राइवेट नौकरी है। आईडी की दिक्कत आएगी। स्टाफ ने कहा कि आईडी की कोई दिक्कत नहीं आएगी। लखनऊ का एड्रेस रखना है तो रेंट एग्रीमेंट दे देना।

इसके साथ अपने स्थाई पते की आईडी दे देना। अगर रेंट एग्रीमेंट नहीं हो तो लखनऊ केपते की जगह तुम्हारे अपने स्थाई पते पर खाता खुल जाएगा। फार्म भरकर लाते समय याद रखना कि 100 रुपए तो तुम्हें देने ही होंगे।

खाता में बाधा- स्टाफ का व्यवहार, जीरो बैलेंस एकाउंट के लिए भी 100 रुपए की मांग, फॉर्म भरने में कोई मदद नहीं।

अब फॉर्म खत्म, एक महीने बाद आना

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

रिपोर्टर-2
बैंक- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
ब्रांच- निरालानगर, अलीगंज
समय- दोपहर 12:05 मिनट

दोपहर में रिपोर्टर में पीएम जनधन योजना में खाता खुलवाने के लिए दाखिल हुआ तो पाया कि वहां पहले से ही कई लोग परेशान हाल जानकारी करने आए हुए थे। रिपोर्टर ने भी बैंक स्टाफ से योजना में खाता खुलवाने केलिए जानकारी चाही।

स्टाफ का कहना था कि खाता तो हमारे यहां खुल रहा है। अब फॉर्म ही नहीं हैं। फॉर्म तो खत्म हो गए। अब फॉर्म तो एक महीने बाद ही आएंगे। अब अगर आपको खाता खुलवाना है तो फिर एक महीने के बाद ही आना। रिपोर्टर ने कहा कि फॉर्म अगर नहीं है तो फिर से आ जाऊंगा।

आप खाता खोलने की प्रक्रिया के बारे में मुझे बता दीजिए। मुझे खाता खुलवाने के लिए क्या-क्या करना होगा। क्या-क्या लेकर मुझे आना होगा। सवाल पूछने पर बैंक  स्टाफ उखड़ गया। उसने कहा कि जब फॉर्म नहीं तो खाता कैसे खुलवा लोगे। ग्राहक बना रिपोर्टर दुर्व्यहार की शिकायत लेकर शाखा प्रबंधक के कमरे की तरफ गया।

वहां पर मौजूद चपरासी ने अंदर जाने से ही रोक दिया। झगड़ते हुए चपरासी ने कमरे से दूर रहने के लिए कहते हुए जानकारी दी कि साहब अभी व्यवस्त हैं। काफी देर के बाद शाखा प्रबंधक ने बताया कि फॉर्म नहीं हैं। ऐसे में हम खाता भी नहीं खोल सकते। बैंक में ही पीएम जनधन योजना का खाता खुलवाने निरालानगर की ही सीमा सिंह आई हुईं थीं।

बैंककर्मियों द्वारा खाता नहीं खोलने पर बैंक लोकपाल को शिकायत की। बैंक लोकपाल ने भी शाखा के बारे में जानकारी लेकर फोन काट दिया।

खाता में बाधा- अधिकारी सुनने को तैयार नहीं, खाता खोलने को फॉर्म मौजूद नहीं, स्टाफ का खराब व्यवहार।

जनधन में क्या रखा है, सामान्य खाता खुलवा लो

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

रिपोर्टर-3
बैंक- कॉरपोरेशन बैंक
ब्रांच- मामा चौराहा अलीगंज
समय- दोपहर 12:30 बजे


रिपोर्टर ने अलीगंज के देना बैंक में जाकर वहां प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षीय परियोजना की हकीकत परखी। रिपोर्टर ने काउंटर पर बैठे बैंक स्टाफ वीके गुप्ता से पूछा कि खाता खुलवाना है, कुछ जानकारी चाहिए। स्टाफ ने पूछा कि कौन सा खाता खुलवाना है?

रिपोर्टर ने कहा कि मुझे प्रधानमंत्री जनधन योजना में खाता खुलवा दीजिए। स्टाफ ने योजना में खाते की प्रक्रिया बताने की जगह रिपोर्टर को अपने बैंक में सामान्य खाता खुलवाने केलिए ही सुझाव देना शुरू कर दिया। वीके गुप्ता ने कहा कि पीएम जनधन योजना में बैंक खाता खुलवाने से बेहतर है।

योजना में खाता खुलवाने से बेहतर है कि सामान्य सेविंग बैंक एकाउंट खुलवा लें। देखिए, इस खाते में केवल 50 हजार रुपए तक ही आप रख सकते हो। वहीं एक दिन में 10 हजार से ऊपर की रकम तुम निकाल नहीं पाओगे। 50,000 रुपए से ऊपर खाते में रखने हुए तो कैसे रखोगे बताओ।

इस बैंक खाते में आपको चेकबुक भी जारी नहीं होगी। हां, एक एटीएम कार्ड जरूर मिल जाएगा। सामान्य बैंक खाते में आपको सब मिलेगा। रिपोर्टर ने कहा कि मुझे आईडी की भी दिक्कत है। स्टाफ का कहना था कि अगर आईडी नहीं है तो बिना आईडी के खाता भी नहीं खुलेगा। सभासद के प्रमाण के बाद भी आधार कार्ड व पेन कार्ड का होना जरूरी है।

रिपोर्टर ने जब आवेदन फॉर्म मांगा तो स्टाफ ने पहले आईडी लेकर आने को कह दिया। इसके साथ ही कहा कि योजना-वोजना के चक्कर में न पड़ो। सामान्य खाता खुलवा लो और उसका एक फॉर्म भी बिना मांगे ही रिपोर्टर को दे दिया। एक ग्राहक के पूछने पर उसने कहा कि योजना के लिए पहले तो बैंक खुद आधार कार्ड बनवा रहा था, अब नहीं बन रहा।

खाता में बाधा- दो आईडी अनिवार्य, स्टाफ का खराब व्यवहार, योजना को लेकर स्टाफ  में दिलचस्पी नहीं।

सिर मत खाओ, दो महीने बाद फार्म मिलेगा

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

रिपोर्टर-4
बैंक- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
ब्रांच- सीएमई ब्रांच, ट्रांसपोर्टनगर
समय- सुबह 11:40 बजे


सुबह रिपोर्टर आरटीओ ऑफिस के पीछे एसबीआई की ट्रांसपोर्ट नगर शाखा पहुंचा। चपरासी से पूछा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना का खाता खोलने का फॉर्म कहां मिल रहा है। चपरासी ने परिसर के दाहिनी ओर सीट पर बैठी दो मैडम पंचमणी व प्रीती श्रीवास्तव की ओर जाने का इशारा किया।

संवाददाता ने वहां पहुंचकर सीट पर बैठी मैडम पंचमणी से प्रधानमंत्री जन-धन योजना का खाता खुलवाने की बात पूछी। पहले तो मैडम अपने कंप्यूटर की ओर ही मुखातिब रहीं। दोबारा पूछने पर बड़े ही तल्ख अंदाज में जवाब दिया कि 15 दिन पहले ही 1000 लोगों ने खाता खुलवाने के लिए आवेदन किया था।

जब तक कि इन लोगों का खाता नहीं खुल जाता तब तक आपका खाता नहीं खुलेगा। क्यों नहीं खुलेगा? का सवाल मैडम को शायद गंवारा नहीं हुआ। नाराज मैडम से रिपोर्टर ने खाता खोलने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी करनी चाही। हिम्मत करते हुए पूछा कि क्या फॉर्मेलिटी करनी होगी, कौन सी आईडी लगेंगी।

खाता खुलवाने के लिए रुपये तो नहीं जमा करने होंगे। इस पर मैडम कहा कि मेरी पास कोई जानकारी नहीं है। आप मैडम प्रीति श्रीवास्तव से उनकी सीट पर जाकर बात कर लीजिए। रिपोर्टर बेरुखे अंदाज से आजिज आकर बगल की सीट पर चला आया। प्रीति श्रीवास्तव मैडम से पूछा कि खाता खोलने का फॉर्म मिल जाएगा।

इस पर मैडम गुस्से में बोली कि सिर मत खाईये। बगल वाली मैडम ने सारी बात आपको बता दी है। दो महीने तक न तो खाता खुलेगा और न ही फॉर्म मिलेगा। ज्यादा जानकारी करनी हो तो ऊपर के अधिकारियों से बात कर लीजिए।

खाता में बाधा- स्टाफ का खराब व्यवहार, प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी नहीं देना, फॉर्म उपलब्ध नहीं होना।

जनधन खाता खोलने का काम एजेंसी के पास

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

रिपोर्टर-5
बैंक- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
ब्रांच- वृंदावन, रायबरेली रोड
समय- सुबह 11:10 बजे


रिपोर्टर सुबह के समय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रायबरेली रोड स्थित वृंदावन शाखा प्रधानमंत्री जनधन योजना में खाता खुलवाने केलिए पहुंचा। प्रवेश द्वार के सामने ही बैंक के प्रोबेशनरी ऑफिसर से  पीएम जनधन योजना में बैंक खाता खोलने के लिए फॉर्म की मांग की।

उन्होंने दूसरी डेस्क की तरफ इशारा किया। डेस्क पर लिखा हुआ था कि खाता खोलने का काम एक एजेंसी को दे दिया गया है। इशारे वाली डेस्क पर एक सफेद कागज चिपका हुआ था। इस कागज पर योजना में खाता खुलवाने के लिए संजीव कुमार, 8, सेनानी विहार, रजनीखंड में संपर्क करने के लिए कहा गया था।

स्टाफ का कहना था कि बैंक जनधन योजना में खाता नहीं खोल रही है। यह काम तो एजेंसी को दे दिया गया है। वहीं यह काम कर रही है। खाता खुलवाने आने वाले लोगों को एजेंसी के पास ही भेजा जा रहा है। मोबाइल नंबर 9889799951 पर भी खाता खुलवाने के लिए संपर्क कर सकते थे।

बैंक से निकलते समय दिए गए नंबर पर फोन किया तो हेल्पलाइन ऑपरेटर नंबर के ‘आउट ऑफ कवरेज एरिया’ होने की बात कही। इस वजह से एजेंसी से संपर्क नहीं हो सका। वापस बैंक कर्मचारियों से पूछताछ करने की कोशिश की गई तो किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।

स्टाफ का कहना था कि लिखे पते पर चले जाइए वहां सबकुछ पता चल जाएगा। सेनानी विहार और सैनिक होटल के आसपास गलियों में तलाश करने के बाद भी पते के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। रिपोर्टर ने ने इस दौरान कई बार एजेंसी के नंबर पर संपर्क करने की भी कोशिश की लेकिन बात नहीं हो सकी।

खाता में बाधा- एजेंसी से संपर्क करना आसान नहीं, बैंक स्टाफ का व्यवहार ठीक नहीं होना, फार्म उपलब्ध नहीं।

‘सप्ताह में एक दिन खुलता यहां तो एकाउंट’

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

रिपोर्टर-6
बैंक- बैंक ऑफ इंडिया
ब्रांच- तेलीबाग
समय- 12:20 बजे


प्रधानमंत्री जनधन योजना में भले ही बैंकों को जीरो बैलेंस एकाउंट पर बिना किसी प्रक्रिया के खाता खोलने केआदेश हों। वहीं बैंक ऑफ इंडिया की तेलीबाग ब्रांच ने अपने नियम बना रखे हैं। बृहस्पतिवार को अमर उजाला रिपोर्टर ने सुबह योजना में खाता खुलवाने की कोशिश की। खाता खोलने की जगह वहां नियम कायदे बैंक स्टाफ ने गिना दिए।

रिपोर्टर को एंट्री पर घुसते ही सबसे पहले गोपाल नाम का कर्मचारी काउंटर पर मिला। रिपोर्टर ने पीएम जनधन योजना की जानकारी मांगी और कहा कि उसे एक खाता खुलवाना है। इस पर स्टाफ ने एक फॉर्म दे दिया। रिपोर्टर ने खाता खोलने की फॉर्मलिटी पूरी कराने के लिए कहा तो स्टाफ का कहना था कि यह काम तो केवल शनिवार को ही होगा।

रिपोर्टर ने प्रक्रिया पर सवाल उठाया तो स्टाफ का कहना था कि आज केवल फार्म ही मिल पाएगा। योजना में खाता खोलने का काम केवल शनिवार को ही होता है। यह बैंक का अपना नियम है जिसे सुविधा के लिए बनाया गया है। फार्म किसी भी दिन आकर ले लो लेकिन खाता तो शनिवार केदिन ही खुल पाएगा।

फार्म के साथ दो फोटो और आईडी प्रूफ जरूर लेकर आना। रिपोर्टर ने कहा कि ऐसे तो मुझे तीन दिन बैंक केवल खाता खुलवाने के लिए आना पड़ेगा। एक बार फार्म लूं, दूसरी बार में खाता खुलवाऊं और फिर तीसरी बार में किट लेने आऊं। स्टाफ ने इसपर गुस्साते हुए कहा कि कुछ भी कर लो खाता तो इसी नियम से खुलेगा।

कारण जानने के लिए ग्राहक बने रिपोर्टर ने जब शाखा प्रबंधक हीरा लाल से बात की तो उन्होंने कहा कि बैंक का काम प्रभावित न हो। इसके लिए ही यह नियम बनाया गया है। उन्होंने लगे हाथ एक सीख भी दी कि अगर पहले से खाता है तो नया मत खुलवाओ। अलग से एटीएम ले लो बस।

खाता में बाधा- शनिवार को ही खाता खुलेगा, बैंक स्टाफ का गैरमददगार व्यवहार, बेवजह ग्राहक को परेशानी

अजीब-अजीब नियम

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

पांच किमी में हो तो खाता खुलेगा
अमर उजाला रिपोर्टर ने जब शुक्रवार को रूचिखंड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाने के लिए बात की तो कहा गया कि खाता तभी खुलेगा जब आपका घर पांच किमी के दायरे में होगा। नहीं तो खाता नहीं खुल पाएगा।

केवल शनिवार को ही खाता
अमर उजाला रिपोर्टर ने बैंक के मैनेजर मनोज गुप्ता से बात की तो उन्होंने रुटीन में खाता न खोले जाने की बात कही। उनका कहना था कि वह शनिवार को शिविर लगाकर दिनभर जनधन योजना के खाते खुलवाते हैं। इस वजह से बैंक के दूसरे कार्य भी प्रभावित होते हैं। इसलिए शनिवार का दिन निर्धारित किया गया है।

बैंकों का योजना पर स्पष्टीकरण

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

- योजना का लाभ उठाने के लिए नया खाता खुलवाने की जगह वर्तमान खाते पर ही रुपे कार्ड जारी करा लें।
- वर्तमान खाते को आधार नंबर और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से जुड़वाना होगा।
- दुर्घटना बीमा का लाभ उठाने के लिए एटीएम कार्ड का हर 45 दिन में कम से कम एक बार उपयोग करना आवश्यक होगा।
- दुर्घटना बीमा का लाभ केवल 18-65 आयुवर्ग केलोगों को ही मिलेगा।
- एक परिवार में केवल एक व्यक्ति को ही ओवरड्राफ्ट की सुविधा दी जाएगी। यह भी छह महीने तक सफलतापूर्वक खाते के संचालन के बाद ही मिलेगी।
- जीरो बैलेंस एकाउंट का मतलब बिना लेनदेन के संचालन से बिल्कुल नहीं है। बिना पैसा जमा कराए केवल खाता खुल जाएगा।

क्या है योजना?

ground reality of PM Jan Dhan Scheme in UP.

योजना की यूपी में नोडल संस्था बैंक ऑफ बडौदा के एक अधिकारी का कहना है कि मुताबिक प्रधानमंत्री जनधन योजना कमजोर तबके के लोगों का खाता खोलने के लिए शुरू की गई है।

इसमें सरकार की कोशिश है कि हर परिवार में कम से कम एक खाता हो। बैंकों को इसके लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं। आईडी नहीं होने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि के फोटो सहित सर्टिफिकेट या आधार नंबर से ही बैंक खाता खुलवाया जा सकता है।

यह खाता पूरी तरह जीरो बैलेंस एकाउंट होगा। इस योजना में रूपे कार्ड पर एक लाख रुपए का दुर्घटना बीमा, छह महीने खाता संचालित करने पर 5,000 रुपए की ओवरड्राफ्ट लिमिट दी जा रही है।

बैंकों को खाता खोलने केलिए स्पष्ट निर्देश हैं। सभी बैंकों को फॉर्म का प्रारूप भिजवा दिया गया है। उनकी जिम्मेदारी है कि फार्म बैंक में उपलब्ध रहें। अगर कोई बैंक ऐसा नहीं कर रहा है तो यह गलत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed