केंद्र से हरी झंडी, अब जल्द दौड़ेगी लखनऊ में मेट्रो
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केंद्रीय बजट में लखनऊ सहित 11 शहरों की मेट्रो रेल परियोजना के लिए 8,260 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इसमें लखनऊ मेट्रो को 173 करोड़ रुपये मिलेंगे। ये राशि तीन साल की इस परियोजना के कुल बजट 6800 करोड़ रुपये में एक हिस्सा होगा।
बजट में मेट्रो के लिए धन के अनुमोदन के बाद अगले एक माह में लखनऊ मेट्रो परियोजना को केंद्र से पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) से हरी झंडी मिलने की उम्मीद भी प्रबल हो गई है।
इसके साथ ही विदेशी ऋण देने वाली कंपनी लोन देने को लेकर भी खुद-ब-खुद राजी हो जाएंगी। इससे पहले प्रदेश सरकार अपने बजट में लखनऊ मेट्रो के लिए 425 करोड़ रुपये का अनुमोदन कर चुकी है।
इससे मेट्रो रेल परियोजना के साथ जो भी आर्थिक संकट हैं, वे पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे और परियोजना निर्बाध तौर पर आगे बढ़ेगी।
एलमएआरसी के अधिकारियों ने केंद्र के इस अनुमोदन को लेकर खुशी जताई है।
केंद्र सरकार का 20 फीसदी अंशदान
मेट्रो रेल परियोजना के नार्थ-साउथ कॉरिडोर टीपी नगर से मुंशी पुलिया तक के निर्माण में 6800 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसमें से राज्य और केंद्र सरकार का अंशदान 20-20 फीसदी है।
शेष 60 फीसदी विदेशी ऋण से मिलेगा। फिलहाल पहले वित्तीय वर्ष का सारा खर्च करीब 400 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने किया था।
इसके बाद प्रदेश सरकार ने अपने बजट में 425 करोड़ का प्रावधान किया। अब केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली की पोटली से खुशखबरी निकली और मेट्रो परियोजना को और रफ्तार मिलने की उम्मीदें ताकतवर हो गई हैं।
केंद्र सरकार के बजट में केंद्रीय इक्विटी के तौर पर 112.60 करोड़, वाह्य सहायतित परियोजना के लिए दी जाने वाली मदद के तौर पर 30 करोड़ और अन्य मदद के तौर पर 30.32 करोड़ रुपये देने का प्राविधान किया गया है।