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अपराध के आंकड़ों में 70 प्रतिशत तक कमी, कार्रवाई में शत प्रतिशत इजाफा
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राजधानी में कमिश्नरेट प्रणाली के एक साल के कार्यकाल में अपराध के आंकड़ों में 70 प्रतिशत तक कमी आई तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई में शत प्रतिशत इजाफा हुआ।
शुक्रवार को कमिश्नरेट की पहली सालगिरह पर पुलिस लाइन में समारोह का आयोजन हुआ, इसमें अधिकारियों ने उपलब्धियां गिनाईं।
बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्तिपत्र दिए गए तो सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के परिवारीजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रात को बड़ा खाना में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ भोजन किया।
पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह पुलिस अपराधियों से निपटने और चुनौतियों से जूझने का काम करती रहेगी।
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इस मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा ने पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए तीन साल के आंकड़े पेश किए।
एक साल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत सबसे ज्यादा कार्रवाई लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने की है। उन्होंने कोरोना में पुलिस द्वारा किए गए सराहनीय और मानवीय कार्यों की भी झलकियां प्रस्तुत कीं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय नीलाब्जा चौधरी ने अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि तीन साल के दौरान डकैती, हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी, अपहरण, रेप, छेड़छाड़ की घटनाओं में 70 प्रतिशत तक कमी आई है।
यही नहीं लूट और चोरी के माल की बरामदगी में भी कमिश्नरेट पुलिस आगे रही। इस साल पुलिस ने करीब 88 फीसदी माल की बरामदगी की।
डकैती, हत्या और लूट के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रतिशत 99.18 रहा। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट लागू होने के बाद 146 इनामी अपराधी पकड़े गए हैं। मुठभेड़ भी बीते वर्षों की तुलना में रिकार्डतोड़ हुईं।
इस मौके पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय शालिनी, पुलिस उपायुक्त मध्य सोमेन बर्मा, अपर पुलिस उपायुक्त मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा, अपर पुलिस उपायुक्त लाइंस एसएम कासिम आब्दी, सहायक पुलिस आयुक्त लाइंस प्राची सिंह समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
ई-मालखाना योजना का किया शुभारंभ
प्रथम स्थापना दिवस पर पुलिस आयुक्त ने ई-मालखाना योजना का शुभांरभ किया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि ई-मालखाना योजना में मालखाना को व्यवस्थित कर वहां रखे मुकदमों से संबंधित सभी सामान का रिकार्ड तैयार किया गया है। सभी माल मुकदमाती की बार कोडिंग और क्यूआर कोडिंग की गई है। फिलहाल विभूतिखंड थाना में पहला ई-मालखाना शुरू कर दिया गया है। जल्द सभी थानों में इसकी शुरुआत होगी। ई-मालखाना योजना से कोर्ट में साक्ष्यों को ऑनलाइन प्रस्तुत किया जा सकेगा।
सराहनीय पहल से मिली नई पहचान
कमिश्नरेट पुलिस ने समाज से जुड़ी कई सराहनीय पहल कर नई पहचान दिलाई। महिला हेल्प डेस्क के अलावा नमस्ते लखनऊ, पॉलीगान, मिशन शक्ति, साथी प्रोजेक्ट, स्वाभिमान और कुटुंब योजना की चारों तरफ प्रशंसा रही।
माफिया और गैंगस्टर की 88 करोड़ की संपत्ति जब्त की
कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टर और माफिया की 88 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करके नया इतिहास बनाया। बाहुबली मुख्तार अंसारी के अलावा कई भूमाफिया की संपत्तियों का ध्वस्तीकरण व जब्तीकरण की कार्रवाई से आम जनता में कानून का भरोसा पैदा किया। महिला संबंधी अपराधों में भी 30 प्रतिशत से अधिक की कमी आई। सबसे खास बात बरसों से लंबित विवेचनाओं के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आई।
साइबर क्राइम की चुनौती पर भी हुई चर्चा
कमिश्नरेट के अधिकारियों ने पहले स्थापना दिवस पर साइबर क्राइम की तेजी से बढ़ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की। पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम के मामलों की विवेचना का प्रशिक्षण देने के बारे में जानकारी दी गई। अभिसूचना तंत्र की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। यातायात व्यवस्था में और सुधार लाने के लिए सिग्नल बढ़ाने व फ्री लेफ्ट टर्न समेत अन्य बिंदुओं पर योजना बनाने की बात तय हुई।
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शुक्रवार को कमिश्नरेट की पहली सालगिरह पर पुलिस लाइन में समारोह का आयोजन हुआ, इसमें अधिकारियों ने उपलब्धियां गिनाईं।
बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्तिपत्र दिए गए तो सांस्कृतिक कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों के परिवारीजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रात को बड़ा खाना में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ भोजन किया।
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पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह पुलिस अपराधियों से निपटने और चुनौतियों से जूझने का काम करती रहेगी।
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इस मौके पर संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था नवीन अरोरा ने पॉवर पाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए तीन साल के आंकड़े पेश किए।
एक साल में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत सबसे ज्यादा कार्रवाई लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने की है। उन्होंने कोरोना में पुलिस द्वारा किए गए सराहनीय और मानवीय कार्यों की भी झलकियां प्रस्तुत कीं।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मुख्यालय नीलाब्जा चौधरी ने अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि तीन साल के दौरान डकैती, हत्या, लूट, चोरी, नकबजनी, अपहरण, रेप, छेड़छाड़ की घटनाओं में 70 प्रतिशत तक कमी आई है।
यही नहीं लूट और चोरी के माल की बरामदगी में भी कमिश्नरेट पुलिस आगे रही। इस साल पुलिस ने करीब 88 फीसदी माल की बरामदगी की।
डकैती, हत्या और लूट के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रतिशत 99.18 रहा। उन्होंने बताया कि कमिश्नरेट लागू होने के बाद 146 इनामी अपराधी पकड़े गए हैं। मुठभेड़ भी बीते वर्षों की तुलना में रिकार्डतोड़ हुईं।
इस मौके पर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय शालिनी, पुलिस उपायुक्त मध्य सोमेन बर्मा, अपर पुलिस उपायुक्त मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा, अपर पुलिस उपायुक्त लाइंस एसएम कासिम आब्दी, सहायक पुलिस आयुक्त लाइंस प्राची सिंह समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे। पुलिस आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
ई-मालखाना योजना का किया शुभारंभ
प्रथम स्थापना दिवस पर पुलिस आयुक्त ने ई-मालखाना योजना का शुभांरभ किया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि ई-मालखाना योजना में मालखाना को व्यवस्थित कर वहां रखे मुकदमों से संबंधित सभी सामान का रिकार्ड तैयार किया गया है। सभी माल मुकदमाती की बार कोडिंग और क्यूआर कोडिंग की गई है। फिलहाल विभूतिखंड थाना में पहला ई-मालखाना शुरू कर दिया गया है। जल्द सभी थानों में इसकी शुरुआत होगी। ई-मालखाना योजना से कोर्ट में साक्ष्यों को ऑनलाइन प्रस्तुत किया जा सकेगा।
सराहनीय पहल से मिली नई पहचान
कमिश्नरेट पुलिस ने समाज से जुड़ी कई सराहनीय पहल कर नई पहचान दिलाई। महिला हेल्प डेस्क के अलावा नमस्ते लखनऊ, पॉलीगान, मिशन शक्ति, साथी प्रोजेक्ट, स्वाभिमान और कुटुंब योजना की चारों तरफ प्रशंसा रही।
माफिया और गैंगस्टर की 88 करोड़ की संपत्ति जब्त की
कमिश्नरेट पुलिस ने गैंगस्टर और माफिया की 88 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त करके नया इतिहास बनाया। बाहुबली मुख्तार अंसारी के अलावा कई भूमाफिया की संपत्तियों का ध्वस्तीकरण व जब्तीकरण की कार्रवाई से आम जनता में कानून का भरोसा पैदा किया। महिला संबंधी अपराधों में भी 30 प्रतिशत से अधिक की कमी आई। सबसे खास बात बरसों से लंबित विवेचनाओं के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी आई।
साइबर क्राइम की चुनौती पर भी हुई चर्चा
कमिश्नरेट के अधिकारियों ने पहले स्थापना दिवस पर साइबर क्राइम की तेजी से बढ़ रही चुनौतियों पर भी चर्चा की। पुलिसकर्मियों को साइबर क्राइम के मामलों की विवेचना का प्रशिक्षण देने के बारे में जानकारी दी गई। अभिसूचना तंत्र की सक्रियता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। यातायात व्यवस्था में और सुधार लाने के लिए सिग्नल बढ़ाने व फ्री लेफ्ट टर्न समेत अन्य बिंदुओं पर योजना बनाने की बात तय हुई।