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दादी का कत्ल: डायरी में लिखा...मैं बहुत घातक हूं, किसी की भी जान ले सकता हूं; पन्ने पलटे तो हैरान रह गई पुलिस
Tue, 17 Oct 2023 03:28 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 17 Oct 2023 03:28 PM IST
सार
लखनऊ में बुजुर्ग महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपनी दादी के ढाई हजार रुपये और सोने के कंगन लूटने के लिए कत्ल किया था। आरोपी को नशे की लत ने मानस को इस कदर वहशी बना दिया कि उसने दादी के सिर, गले, चेहरे, पेट पर करीब 12 बार बांका से वार किए थे।
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पोते ने की दादी की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखनऊ के अलीगंज इलाके में त्रिवेणीनगर-2 के योगीनगर में 90 वर्षीय वृद्धा स्नेहलता शर्मा की हत्या उनके ही पोते मानस ने की थी। रविवार देर रात पुलिस ने उसको जब हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरी वारदात कुबूल कर ली। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपनी दादी से ढाई हजार रुपये व सोने के कंगन लूटे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि सिर पर हुए वार की वजह से स्नेहलता की मौत हुई। नशे की लत ने मानस को इस कदर वहशी बना दिया कि उसने दादी के सिर, गले, चेहरे, पेट पर करीब 12 बार बांका से वार किए थे। वारदात को अंजाम देकर वह शहर में ही इधर उधर घूमता रहा। आरोपी के पास से 1850 रुपये व कंगन बरामद कर लिए गए हैं।
योगीनगर में स्नेहलता घर पर अकेली रहती थीं। जानकीपुरम निवासी उनके तीसरे नंबर के बेटे मुकेश चंद्र शर्मा देखरेख करने आते-जाते रहते थे। वह रविवार सुबह करीब 11 बजे भी आए थे और करीब एक घंटे बाद लौट गए थे। रात को उनकी भतीजी ने कॉल कर बताया कि दादी कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं।
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इस पर वह मौके पर पहुंचे तो स्नेहलता का शव पड़ा मिला। डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि सिद्धेश्वरनगर सिधौली निवासी मृतका के पौत्र मानस सारस्वत को गिरफ्तार किया गया है। वह स्नेहलता के सबसे छोटे बेटे महेश चंद्र शर्मा का बेटा है।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला कि सिर पर हुए वार की वजह से स्नेहलता की मौत हुई। नशे की लत ने मानस को इस कदर वहशी बना दिया कि उसने दादी के सिर, गले, चेहरे, पेट पर करीब 12 बार बांका से वार किए थे। वारदात को अंजाम देकर वह शहर में ही इधर उधर घूमता रहा। आरोपी के पास से 1850 रुपये व कंगन बरामद कर लिए गए हैं।
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योगीनगर में स्नेहलता घर पर अकेली रहती थीं। जानकीपुरम निवासी उनके तीसरे नंबर के बेटे मुकेश चंद्र शर्मा देखरेख करने आते-जाते रहते थे। वह रविवार सुबह करीब 11 बजे भी आए थे और करीब एक घंटे बाद लौट गए थे। रात को उनकी भतीजी ने कॉल कर बताया कि दादी कॉल रिसीव नहीं कर रही हैं।
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इस पर वह मौके पर पहुंचे तो स्नेहलता का शव पड़ा मिला। डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि सिद्धेश्वरनगर सिधौली निवासी मृतका के पौत्र मानस सारस्वत को गिरफ्तार किया गया है। वह स्नेहलता के सबसे छोटे बेटे महेश चंद्र शर्मा का बेटा है।
पूछताछ में उसने बताया कि उसको पैसों की जरूरत थी। इसलिए वह लूट के इरादे से दो दिन पहले दादी के पास रहने आया था। रविवार शाम करीब तीन बजे वह कंगन जबरन उतारने लगा। विरोध करने पर बांका से वार कर दिया। इसके बाद कंगन और ढाई हजार रुपये लूटकर भाग गया था।
इतना शातिर...पकड़ा न जाए इसलिए तोड़ दिया था सिम
डीसीपी ने बताया कि आरोपी मानस वारदात को अंजाम देने के बाद करीब चार बजे घर से निकला था। सबसे पहले उसने अपना मोबाइल बंद किया। सिम निकालकर तोड़ दिया। इसके बाद डालीगंज स्थित एक दुकान से नया सिम खरीदा। फिर पक्का पुल पर पहुंचा। यहां दूसरे वाले गुंबद के नीचे झाड़ियों में खून से सना बांका ठिकाने लगा दिया। फिर शराब पीकर इधर-उधर घूमने लगा, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। वह ट्रेस न हो सके इसलिए उसने सिम तोड़कर फेंका था।
डीसीपी ने बताया कि आरोपी मानस वारदात को अंजाम देने के बाद करीब चार बजे घर से निकला था। सबसे पहले उसने अपना मोबाइल बंद किया। सिम निकालकर तोड़ दिया। इसके बाद डालीगंज स्थित एक दुकान से नया सिम खरीदा। फिर पक्का पुल पर पहुंचा। यहां दूसरे वाले गुंबद के नीचे झाड़ियों में खून से सना बांका ठिकाने लगा दिया। फिर शराब पीकर इधर-उधर घूमने लगा, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। वह ट्रेस न हो सके इसलिए उसने सिम तोड़कर फेंका था।
धक्का देकर पहले गिराया फिर बांका से ताबड़तोड़ वार कर दिए
पूछताछ के दौरान आरोपी मानस पुलिस अफसरों को गुमराह करता रहा। पहले बताया कि वह कानपुर में था, लेकिन इसके साक्ष्य नहीं मिले। वह कुछ इस तरह से बातें कर रहा था, जिससे पुलिस को लगे कि वह मानसिक रूप से बीमार है। हालांकि, जिस तरह से उसने घटना की और फिर साक्ष्य मिटाए व बचने के लिए सिम तोड़ा उससे साफ था कि वह मानसिक रूप से बीमार नहीं, बल्कि शातिर है।
पूछताछ के दौरान आरोपी मानस पुलिस अफसरों को गुमराह करता रहा। पहले बताया कि वह कानपुर में था, लेकिन इसके साक्ष्य नहीं मिले। वह कुछ इस तरह से बातें कर रहा था, जिससे पुलिस को लगे कि वह मानसिक रूप से बीमार है। हालांकि, जिस तरह से उसने घटना की और फिर साक्ष्य मिटाए व बचने के लिए सिम तोड़ा उससे साफ था कि वह मानसिक रूप से बीमार नहीं, बल्कि शातिर है।
लूट के बाद शराब खरीदी, कई कफ सीरप भी बरामद
पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी ने लूटी गई रकम से शराब खरीदी थी। जब पुलिस ने उसको हिरासत में लिया तो वह नशे में धुत था। कई कफ सीरप भी उसके पास से बरामद हुए। डीसीपी ने बताया कि आरोपी नशे का लती है। वारदात के पीछे यही बड़ी वजह है। पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा व आर्म्स एक्ट बढ़ाया है।
पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी ने लूटी गई रकम से शराब खरीदी थी। जब पुलिस ने उसको हिरासत में लिया तो वह नशे में धुत था। कई कफ सीरप भी उसके पास से बरामद हुए। डीसीपी ने बताया कि आरोपी नशे का लती है। वारदात के पीछे यही बड़ी वजह है। पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा व आर्म्स एक्ट बढ़ाया है।
डायरी में लिखा...मैं बहुत घातक हूं, किसी की भी जान ले सकता हूं
हत्यारोपी मानस के पास से पुलिस ने एक डायरी बरामद की, जिसमें एक लड़की की फोटो थी। पूछताछ में बताया कि वह उसकी प्रेमिका है। इसके बाद जब पुलिसकर्मियों ने पन्ने पलटे तो हैरान रह गए। एक पन्ने पर लिखा था कि मेरे पास कभी भी कोई असलहा, बम, बारूद, चाकू न रखना। क्योंकि मैं कभी भी घातक हो सकता हूं।
हत्यारोपी मानस के पास से पुलिस ने एक डायरी बरामद की, जिसमें एक लड़की की फोटो थी। पूछताछ में बताया कि वह उसकी प्रेमिका है। इसके बाद जब पुलिसकर्मियों ने पन्ने पलटे तो हैरान रह गए। एक पन्ने पर लिखा था कि मेरे पास कभी भी कोई असलहा, बम, बारूद, चाकू न रखना। क्योंकि मैं कभी भी घातक हो सकता हूं।
किसी की भी जान ले सकता हूं..। हकीकत में उसने यही किया। अपनी ही दादी को रुपयों के लालच में मार डाला। पूछताछ में उसने कहा कि मुझे अपने गुस्से पर काबू नहीं होता। मैं कभी भी कुछ भी कर सकता हूं। पुलिस की पूछताछ में वह बेखौफ होकर जवाब देता रहा।
बोला...मुझे कोई अफसोस नहीं
पूछताछ के दौरान आरोपी पहले हत्या की बात कुबूल नहीं कर रहा था। बाद में वह कहने लगा कि पैसे मांगे थे, लेकिन उन्होंने नहीं दिए। इसी दौरान झगड़ा होने लगा। अचानक से बांका उठाया जो लग गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी पहले हत्या की बात कुबूल नहीं कर रहा था। बाद में वह कहने लगा कि पैसे मांगे थे, लेकिन उन्होंने नहीं दिए। इसी दौरान झगड़ा होने लगा। अचानक से बांका उठाया जो लग गया।
पर, ये बात पूरी तरह से झूठ थी, क्योंकि पोस्टमार्टम से स्पष्ट हो गया था कि एक दर्जन वार उसने किए थे। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पूरी घटना बताई। आखिर में ये भी बोला कि मुझे कोई अफसोस नहीं। आज नहीं तो कल उनको मरना ही था।