UP: सड़कों पर हंगामा, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
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ग्राम रोजगार सेवकों ने सोमवार को यूपी की राजधानी लखनऊ में हंगामा करते हुए सरकार से विनियमितीकरण की मांग की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चारबाग से ही घेराबंदी शुरू कर दी।
उन्हें केकेसी के पास बसों, ट्रकों व हाफ डाले में भर कर लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचा दिया गया। इस दौरान पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि पुलिस ने अभद्रता करते हुए उन्हें भूसा गाड़ियों में भर कर लक्ष्मण मेला मैदान पहुंचाया। वे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से वार्ता के लिए अड़े रहे।
ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम रोजगार सेवक चारबाग स्थित रवीन्द्रालय पर जमा हुए। उन्होंने मार्च निकाल कर विधान भवन घेरने का निर्णय किया।
इससे सतर्क प्रशासन ने चारबाग में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस ने घेराबंदी की लेकिन ग्राम रोजगार सेवक आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। पुलिस से उनकी नोक झोंक चलती रही।
पुलिस बसों का इंतजाम नहीं कर सकी
पुलिस ने केकेसी के पास हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें रोका। इस पर ग्राम रोजगार सेवक नारे लगाने लगे। इसके बाद उन्हें बसों व ट्रकों में भर कर लक्ष्मण मेला मैदान भेजा गया।
ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के सदस्य कमलेश कुमार गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा, हम सब शांतिपूर्वक विधान भवन तक जाना चाहते थे लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका आरोप है कि पुलिस बसों का इंतजाम नहीं कर सकी जिससे दो घंटे तक ग्राम सेवक तपती धूप में खड़े रहे।
जब तक मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं होगी और पूर्व में ग्राम रोजगार सेवकों के विनियमितीकरण को लेकर मुख्यमंत्री के आदेशों पर कार्रवाई नहीं होगी, धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष देवेन्द्र प्रताप शाही का कहना है कि 25 नवंबर 2014 को मुख्यमंत्री से संगठन की वार्ता हुई। तब सीएम ने आश्वासन दिया था कि 3 दिसंबर 2014 तक ग्राम रोजगार सेवकों के विनियमितीकरण के संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर उचित निर्णय करेंगे लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।