यूपी: ग्राम पंचायत की समितियों को प्रभावी बनाएगी सरकार, पहली बैठक में ही होगा समितियों का गठन
यूपी सरकार ग्राम पंचायत की समितियों को अधिकार संपन्न बनाने पर काम कर रही हैं जिसके तहत 27 मई को नवगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक में ही इन छह समितियों का गठन किया जाएगा।
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आमतौर पर कागजी साबित होती रही ग्राम पंचायत की समितियां वास्तव में बेहद अधिकार संपन्न हैं। प्रदेश सरकार इन्हें प्रभावी बनाने के लिए और भी कदम उठाने पर विचार कर रही है। 27 मई को नवगठित ग्राम पंचायतों की पहली बैठक में ही इन छह समितियों का गठन किया जाएगा।
जानकार बताते हैं कि ग्राम पंचायत का पूरा कामकाज छह समितियों के माध्यम से ही आगे बढ़ता है। हर समिति के काम व अधिकार तय हैं। लेकिन, मासिक बैठक न होने, सदस्यों की निष्क्रियता तथा प्रधानों व पंचायत सचिवों की सदस्यों को नजरंदाज कर काम करने की कार्यप्रणाली से ये सक्रिय भूमिका नहीं निभा पातीं। सरकार इस बार कार्यकाल के प्रारम्भ से ही समितियों की भूमिका को प्रभावी बनाने की योजना पर काम कर रही है। अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह का कहना है ग्राम पंचायतों की समितियों की पंचायत के कामकाज में अहम भूमिका है। समितियों को उनकी भूमिका के बारे में जागरूक कर प्रभावी बनाया जाएगा।
इस तरह होगा समितियों का गठन
ग्राम पंचायत का प्रधान नियोजन एवं विकास समिति, प्रशासनिक समिति तथा शिक्षा समिति का सभापति होगा। निर्माण कार्य समिति, स्वास्थ्य एवं कल्याण समिति तथा जल प्रबंधन समिति के सभापति का चुनाव ग्राम पंचायत के सदस्यों द्वारा अपने में से किया जाएगा। सभी समितियों में सभापति के अलावा 6 निर्वाचित सदस्य होंगे। इनमें एक महिला व एक अनुसूचित जाति/जनजाति तथा एक पिछड़े वर्ग का सदस्य होगा। समिति के सदस्यों का चुनाव ग्राम पंचायत के सदस्यों द्वारा अपने में से किया जाएगा। समिति की बैठक के लिए 4 सदस्यों का कोरम होगा। समिति की बैठक माह में कम से कम एक बार अवश्य होगी। समितियों का सचिव ग्राम पंचायत विकास अधिकारी होगा।
यह हैं छह समितियां
प्रशासनिक समिति- ग्राम पंचायतों के नियंत्रण में कार्यरत कार्मिकों से संबंधित सभी विषय। राशन की दुकानों से संबंधित समस्त कार्य।
नियोजन एवं विकास समिति - ग्राम पंचायत की योजना तैयार करना कृषि पशुपालन तथा गरीबी उन्मूलन के कार्यक्रमों का कार्यान्वयन।
शिक्षा समिति- प्राथमिक शिक्षा, उच्च प्राथमिक शिक्षा, अनौपचारिक शिक्षा व साक्षरता से संबंधित कार्यक्रमों का कार्यान्वयन।
निर्माण कार्य समिति- समस्त प्रकार के स्थाई व अस्थाई निर्माण कार्यों तथा अनुरक्षण के कार्यों पर प्रभावी नियंत्रण तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने से संबंधित समस्त कार्य।
स्वास्थ एवं कल्याण समिति- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण से संबंधित कार्यक्रमों का कार्यान्वयन।
जल प्रबंधन समिति- नलकूपों का संचालन व रखरखाव। पीने के पानी से संबंधित योजनाओं व कार्यक्रमों का संचालन।