ऑटो में हुई छेड़खानी तो बटन दबाने पर मिलेगी मदद
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महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर शहरों में चलने वाले ऑटो को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस)और इमरजेंसी बटन से लैस करने की तैयारी है। खतरे की स्थिति में महिलाएं इस बटन को दबाकर मदद मांग सकेंगी। सार्वजनिक उपयोग के वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए परिवहन विभाग नियमावली में जरूरी संशोधन करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है।
शहरों में खासकर सार्वजनिक उपयोग के वाहनों में महिलाएं सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। आए दिन होने वाली लूटपाट, छेड़खानी इसके पीछे प्रमुख वजह है। यही वजह है कि सरकार अब ऑटो में जीपीएस लगवाने जा रही है।
हालांकि ऑटो या सार्वजनिक उपयोग के वाहनों में जीपीएस व इमरजेंसी बटन लगाने के लिए नियमावली में संशोधन करना होगा। इसके लिए परिवहन विभाग ‘उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली-1998’ में बदलाव करने जा रहा है। इस बदलाव के लिए विभाग कैबिनेट के सामने अपना प्रस्ताव रखेगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद ऑटो सहित अन्य सार्वजनिक उपयोग के वाहनों में जीपीएस व इमरजेंसी बटन लगना शुरू हो जाएंगे।
जानिए कैसे काम करेगी यह व्यवस्था
ऑटो में जीपीएस लगने से उनकी लोकेशन ट्रेस करना आसान हो जाएगा। बड़े शहरों खासकर महानगरों में इनकी निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। कंट्रोल रूम से ही सभी ऑटो व अन्य सार्वजनिक उपयोग के वाहन जुड़े रहेंगे।
कोई खतरा नजर आने पर महिला इमरजेंसी बटन को दबा सकती है। बटन दबते ही इसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मी इसकी सूचना उस इलाके की पुलिस टीम को देंगे। कुछ ही मिनटों में महिला के पास मदद पहुंच जाएगी।
प्रमुख सचिव कुमार अरविंद सिंह देव ने बताया कि ऑटो में जीपीएस व इमरजेंसी बटन लगाने की योजना है। पर, इसके लिए नियमावली में संशोधन करना पड़ेगा। जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा।