प्राइवेट स्कूलों से भी बेहतर होंगे 'मॉडल स्कूल'
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प्राइवेट स्कूलों से कहीं अधिक खूबसूरत होगा सरकारी मॉडल स्कूल। इन स्कूलों को देखकर कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को इसमें दाखिला दिलाना चाहेगा।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय ने इन स्कूलों का मॉडल जारी कर दिया है। खूबसूरत बिल्डिंग के साथ इसमें सभी सुविधाएं होंगी।
इसमें कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं चलेंगी और छात्र-छात्राओं के साथ पढ़ने की व्यवस्था होगी। इन स्कूलों में हिंदी के साथ इंग्लिश मीडियम की भी पढ़ाई कराई जाएगी।
193 स्कूल बन रहे हैं
प्रदेश में इस समय 193 मॉडल स्कूलों का निर्माण चल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 81 और मॉडल स्कूल खोलने के प्रस्ताव जिलेवार मांगे गए हैं।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में मॉडल स्कूलों को खोलने की प्राथमिकता दी गई है। केंद्र ने प्रदेश में पहली बार वित्तीय वर्ष 2010-11 में 148 मॉडल स्कूल खोलने की अनुमति दी थी।
इसके बाद वर्ष 2012-13 में ऐसे 45 स्कूल खोलने की अनुमति दी गई। मॉडल स्कूल बनाने के लिए पांच एकड़ जमीन चाहिए और प्रत्येक स्कूल के निर्माण पर 3.02 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं।
ऐसा होगा मॉडल स्कूल
राज्य परियोजना निदेशालय ने जो मॉडल जारी किया है, उसके अंदरूनी डिजाइन में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, लेकिन बाहरी डिजाइन पूरी तरह से बदला हुआ है।
इसके मुख्य द्वार के ऊपरी भाग पर मॉडल स्कूल लिखा हुआ होगा। मुख्य द्वार के ऊपरी भाग पर बड़ी सी घड़ी लगी होगी और खूबसूरत फूल-पौधे लगे होंगे।
स्कूल पहुंचने के लिए पक्की सड़क होगी, ताकि छात्रों को कोई समस्या न हो।