सरकारी जमीन की अदला बदली, सस्पेंड
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प्रदेश में सरकारी जमीन के सस्ते दाम पर बिल्डरों को देने के बड़ा खेल चल रहा है। इसी मामले को लेकर एक तहसीलदार सस्पेंड किया गया है।
प्रदेश में ग्राम समाज की कीमती जमीन को बिल्डरों से अदला-बदली का बड़ा खेल चल रहा है। इसमें तहसील के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, लेखपाल, प्रधान व डीजीसी रेवेन्यू तक शामिल हैं।
कानपुर में ऐसे ही एक मामले में वहां के एक तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया गया है। एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश नियुक्ति विभाग से की गई है।
राजस्व परिषद ने सख्त कदम उठाते हुए सरकारी जमीनों से अदला-बदली वाले लंबित 1170 मामलों के निस्तारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
की जा सकती है अदला बदली
राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भूमि सुधार अधिनियम की धारा-161 में नियम है कि दो लोग आपसी सहमति से जमीन की अदला-बदली कर सकते हैं, बशर्ते मालगुजारी में अंतर 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो।
इस नियम की आड़ में प्रदेश में सड़क किनारे की कीमती ग्राम समाज की जमीनों की बिल्डरों से अदला-बदली का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है।
कानपुर नगर की डीएम रोशन जैकब ने ऐसे ही एक मामले का भंडाफोड़ वहां की सदर तहसील क्षेत्र में किया। वहां सदर की बगदौधी कछार, बगदौधी बांगर व परगही कछार की ग्राम समाज की जमीन को कम कीमत पर काश्तकारों से अदला-बदला जा रहा था।
10.75 करोड़ की जमीन 3.91 करोड़ में दी
ग्राम समाज के जमीन की डीएम सर्किल रेट के हिसाब से कीमत 10.75 करोड़ थी जबकि काश्तकार के जमीन की कीमत 3.91 करोड़। इस तरह 6.84 करोड़ रुपये का नुकसान कर सरकारी जमीन काश्तकारों को दी जा रही थी।
जिलाधिकारी ने इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए वहां के प्रधान, लेखपाल व खातेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया और लेखपाल को निलंबित कर दिया।
तहसीलदार व एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति राजस्व परिषद को भेजी गई थी। राजस्व परिषद ने डीएम की संस्तुति पर कदम उठाते हुए तहसीलदार अनवर राशिद फारूकी को निलंबित कर दिया है और एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रकरण नियुक्ति विभाग को भेज दिया है। प्रदेश में ऐसे अन्य मामलों की पड़ताल कराई जा रही है।
मामलों की सुनवाई पर रोक
जमीन के इस खेल का खुलासा होने के बाद राजस्व परिषद ने ऐसे सभी मामलों के निस्तारण पर रोक लगा दी है जिसमें एक पक्ष ग्राम सभा है।
राजस्व परिषद के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदेश की तहसीलों में जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम 1950 की धारा 161 में 1170 मामले विचाराधीन मिले हैं।
इनकी सुनवाई उप जिलाधिकारियों के यहां हो रही है। मामले की जानकारी राजस्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव को दी गई तो उन्होंने ऐसे सभी मामलों की सुनवाई पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया है।
अधिकारी ने बताया कि उप जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है। इसके अलावा शासन इस धंधे पर अंकुश के लिए नियमों में बदलाव पर भी विचार कर रहा है।