राज्यपाल बोले, 'ब्रांडिंग से विदेश में निखारें यूपी की छवि'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि ब्रांडिंग से यूपी को बहुत लाभ हो सकता है। विदेश में यूपी की छवि बनाने की जरूरत है। प्रदेश में पर्यटन, चिकित्सा, उद्योग एवं शिक्षा क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
यह विचार करने की जरूरत है कि दूसरे देशों को अपने देश के विकास से कैसे जोड़ा जाए और ज्यादा से ज्यादा निवेश को किस तरह प्रदेश की ओर आकृष्ट किया जाए। आबादी के लिहाज से बड़ा होने के कारण उत्तर प्रदेश को बडे़ उपभोक्ता के रूप में देखा जा सकता है।
प्रदेश के साथ-साथ लखनऊ की तस्वीर भी बदली है। देश की प्रगति के लिए उप्र को आगे बढ़ाना होगा। विदेश में तैनात राजनयिकों को प्रदेश का दौरा करके अन्य क्षेत्रों में भी विकास की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।
राज्यपाल ने बुधवार को प्रदेश के दौरे पर आए 9 देशों के दूतावासों में नियुक्त भारतीय राजनयिकों (राजदूत व उच्चायुक्त) के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान राजभवन में यह बात कही।
विदेशों में भारत के प्रति गहरी उत्सुकता
नाईक ने कहा, विदेश में भारत के प्रति उत्सुकता है। यूपी में ताजमहल एवं गंगा को देखने प्रतिवर्ष विदेशी पर्यटक आते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, बीएचयू में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं।
प्रदेश से प्रतिवर्ष आईटी स्नातक शिक्षित हो रहे हैं, जिनकी विदेश में मांग है। कौशल विकास से हम दूसरे देशों के लिए अच्छी श्रम शक्ति तैयार कर सकते हैं। बाहर संस्कृत एवं हिंदी के प्रति बहुत उत्साह है। यूपी इन दोनों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा, प्रदेश में कृ षि क्षेत्र में नई तकनीक के आधार पर बहुत संभावनाएं हैं। राजनयिकों को सलाह दी कि विदेश में अच्छे काम करके देश की प्रतिभा और निखारें। वहां से सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाएं। विदेश में रहने वाले भारतीयों, पढ़ने गए छात्रों एवं व्यापारियों को वहां कोई कठिनाई न हो इस दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
कहा, मुख्यमंत्री की ओर से जनवरी में पहला एनआरआई- डे आगरा में आयोजित हुआ जो काफी सफल रहा। प्रदेश में ट्रेड फेयर का आयोजन नियमित अंतराल पर होते रहना चाहिए ताकि विदेशी निवेशक प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित हों। नाईक ने राजनयिकों को ‘बर्ड्स ऑफ राजभवन’ एवं ‘राजभवन में राम नाईक’ पुस्तक भेंट की।