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बाराबंकी में वृक्षारोपण के बाद राज्यपाल ने कहा- हर गांव में लगें 50-100 ऑक्सीजन देने वाले पेड़

Mon, 06 Jul 2020 09:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी
अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 06 Jul 2020 09:00 PM IST
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Governor Anandi Ben Patel says 50-100 oxygen-giving trees should be planted in every village in Barabanki
वृक्षारोपण करतीं राज्यपाल - फोटो : अमर उजाला
प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि पुनर्जीवित कल्याणी नदी सबके लिए कल्याण कारक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में इसी कल्याणी नदी के पुनरुद्धार में श्रमिकों के साथ आम लोगों की भागीदारी की सराहना की थी। 
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आज यहां जल प्रवाह देखकर साफ हो गया कि आने वाले समय में पर्यावरण को बचाने के लिए नदियों को बचाना जरूरी है। ऑक्सीजन की कमी से बीमारियों में इजाफा हो रहा है। पर्यावरण बचाने के लिए नदियों और तालाबों की खुदाई कर पुनर्जीवित करना बहुत जरूरी है। 
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कल्याणी नदी पर किया गया काम प्रशंसनीय है। प्रत्येक गांव में निर्विवाद रूप से ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए बरगद और पीपल के 50-10 पेड़ रोपे जाने चाहिए। राज्यपाल सोमवार को फतेहपुर तहसील के ग्राम मवैया मजरे होली पुरवा में कल्याणी नदी के तट पर आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहीं थीं। 
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नदियों को जोड़ने और तालाबों की खुदाई का काम किया जा रहा है। बाराबंकी की कल्याणी नदी को पुनर्जीवित करने का काम भी सराहनीय है। उन्होंने कहा कि वृक्षों से हमें विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां प्राप्त होती हैं किंतु पेड़ लुप्त होने से हम लोगों के समक्ष संकट हो गया है।

राज्यपाल ने बाराबंकी में कल्याणी नदी पर बनाए गए तटबंध पर पीपल का पौधा भी रोपा। उन्होंने वहीं पर बने गौघाट को देखा नदी के जल प्रवाह को देख कर डीएम से गहराई और चौड़ाई पूछी गौ घाट के बने स्लोप को थोड़ा चौड़ा और लंबा करने के आदेश दिए। 

राज्यपाल ने समाज में फैली दहेज जैसी बुराई को खत्म करने के लिए लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि सबको शिक्षित होना बहुत जरूरी है। आज हमारे समाज में डॉक्टर, इंजीनियर और कलेक्टर की शादी में सबसे ज्यादा दहेज मांगा जाता है। 

कम उम्र में बेटियों की शादी कर दी जाती है इन विचारों में परिवर्तन लाने के लिए अच्छे लोग दहेज जैसी बुराईयों का विरोध करें। राज्यपाल के यहां पहुंचने पर प्रभारी मंत्री दारा सिंह चौहान, सांसद उपेंद्र रावत, विधायक, साकेंद्र वर्मा, शरद अवस्थी, बैजनाथ रावत, सतीश शर्मा, रामनरेश रावत, डीएम डॉ.आदर्श सिंह, एसपी डॉ.अरविंद चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष अवधेश श्रीवास्तव, सीडीओ मेधा रूपम समेत सभी उपजिलाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बारिश ने तैयारियों पर फेरा पानी बढ़ाई मेहनत
राज्यपाल के आने से कुछ घंटे पहले ही अचानक हुई बारिश ने तैयारियों पर पानी फेर दिया। बारिश बंद होते ही आनन-फानन में ब्लॉक व नगर पंचायत के सफाई कर्मियों को बुलाकर नवनिर्मित खड़ंजा मार्ग से कीचड़ हटवाने के साथ ही साफ-सफाई करायी गई तब जाकर कार्यक्रम संपन्न हो सका।

राज्यपाल को सुनने उमड़े लोग

राज्यपाल को देखने के लिए नदी के तटबंध व आसपास काफी संख्या मे लोग एकत्र हो गए, जिसको रोकने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तटबंध पर मौजूद लोगों में जोश और बढ़ गया। एक घंटा 32 मिनट चले इस कार्यक्रम को सुनने व देखने के लिए ग्रामीण काफी उत्सुक दिखे।

1875 पौधे रोपे गये
नदी के तटबंध के पास राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने जहां पीपल का पौधा रोपा तो वही मंत्री दारा सिंह चौहान ने मौलश्री का पेड़ लगाया। इस दौरान मौलश्री के 13, जामुन के एक हजार, सीसम तीन सौ, अर्जुन के 275 पौधे व कई अन्य प्रजातियों सहित 1875 रोपित किए गए।

राज्यपाल ने कहा प्रदेश की योगी सरकार बधाई की पात्र है जिन्होंने पिछले वर्ष 2019 में 22 करोड़ पौधे लगाये थे और इस बार उससे भी ज्यादा 25 करोड़ पौधे लगाने का कार्य किया है। 

 
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