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स्कूली बच्चों के राशन के जरिए घर-घर पहुंचेगी सरकार, सीएम की फोटो और दिया जाएगा संदेश वाला पत्र
Wed, 08 Jul 2020 11:48 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 08 Jul 2020 11:48 AM IST
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्कूली बच्चों के मिड डे मील (मध्याह्न भोजन) के राशन के जरिए घर-घर दस्तक देने वाले हैं। बेसिक शिक्षा विभाग इसकी तैयारी में जुटा हुआ है। परिषदीय विद्यालयों में 1.80 करोड़ बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इस पहल के जरिए हर गांव-गांव और घर-घर लोगों को पता चल जाएगा कि योगी सरकार उनके बच्चे के दोपहर के भोजन का राशन और उसे तैयार करने के लिए धन दे रही है।
बेसिक स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील देने की व्यवस्था है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बच्चों के लिए स्कूल बंद हैं। सरकार ने 24 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत से 30 जून ग्रीष्मावकाश तक (76 स्कूल दिवस) मिड डे मील में खर्च होने वाला अनाज बच्चों में बांटने का फैसला किया है।
इसके लिए बच्चों के अभिभावकों को स्कूल से एक प्राधिकार पत्र दिया जाएगा। इसमें विकास खंड, स्कूल का नाम, कक्षा, विद्यालय रजिस्टर में दर्ज रोल नंबर, छात्र-छात्रा का नाम, माता-पिता/अभिभावक का नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर, छात्र-छात्रा का आधार नंबर तथा अनाज की मात्रा दर्ज होगी।
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मसलन, उच्च प्राथमिक विद्यालय का विद्यार्थी है तो उसे 3.8 किलोग्राम गेहूं, 7.6 किलोग्राम चावल, कुल 11.4 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा। यदि विद्यार्थी प्राथमिक विद्यालय का है तो उसे 2.5 किलोग्राम गेहूं व 5.1 किलोग्राम चावल, कुल 7.6 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा।
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बेसिक स्कूलों के बच्चों को मिड डे मील देने की व्यवस्था है। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर बच्चों के लिए स्कूल बंद हैं। सरकार ने 24 मार्च को लॉकडाउन की शुरुआत से 30 जून ग्रीष्मावकाश तक (76 स्कूल दिवस) मिड डे मील में खर्च होने वाला अनाज बच्चों में बांटने का फैसला किया है।
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इसके लिए बच्चों के अभिभावकों को स्कूल से एक प्राधिकार पत्र दिया जाएगा। इसमें विकास खंड, स्कूल का नाम, कक्षा, विद्यालय रजिस्टर में दर्ज रोल नंबर, छात्र-छात्रा का नाम, माता-पिता/अभिभावक का नाम, अभिभावक का मोबाइल नंबर, छात्र-छात्रा का आधार नंबर तथा अनाज की मात्रा दर्ज होगी।
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मसलन, उच्च प्राथमिक विद्यालय का विद्यार्थी है तो उसे 3.8 किलोग्राम गेहूं, 7.6 किलोग्राम चावल, कुल 11.4 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा। यदि विद्यार्थी प्राथमिक विद्यालय का है तो उसे 2.5 किलोग्राम गेहूं व 5.1 किलोग्राम चावल, कुल 7.6 किलोग्राम खाद्यान्न मिलेगा।
इस प्राधिकार पत्र के तीन हिस्से होंगे। मुख्यमंत्री की फोटो व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीशचंद्र द्विवेदी के संदेश वाला हिस्सा छात्र-छात्रा/अभिभावक को मिलेगा। दूसरा हिस्सा कोटेदार को मिलेगा, जिसे देखकर वह राशन देगा। तीसरा हिस्सा विद्यालय का होगा। यह पत्रक केसरिया रंग में काफी आकर्षक है।
प्राधिकार पत्र पर पहला संदेश बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीशचंद्र द्विवेदी का है। इसमें अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को खाद्य सुरक्षा व पोषण उपलब्ध कराएं, सरकार उनके साथ है। दूसरा संदेश ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध में है। इसमें बताया गया है कि प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक दूरदर्शन यूपी पर तथा 11 से 12 बजे तक एमडब्ल्यू 747 केएचजेड पर मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला देखना और सुनना न भूलें।
अभिभावकों के खाते में भेजे जा रहे 380 करोड़ रुपये
राशन के अलावा तेल, सब्जी, मसाला आदि के खर्च की रकम अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही है। प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए 4.48 रुपये रोज के हिसाब से 76 दिन के लिए 374.29 रुपये तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को 4.97 रुपये रोज के हिसाब से 561 रुपये दिए जा रहे हैं। इस तरह अभिभावकों के खाते में 380 करोड़ रुपये भेजे जा रहे हैं।
प्राधिकार पत्र पर पहला संदेश बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीशचंद्र द्विवेदी का है। इसमें अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों को खाद्य सुरक्षा व पोषण उपलब्ध कराएं, सरकार उनके साथ है। दूसरा संदेश ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध में है। इसमें बताया गया है कि प्रतिदिन सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक दूरदर्शन यूपी पर तथा 11 से 12 बजे तक एमडब्ल्यू 747 केएचजेड पर मिशन प्रेरणा की ई-पाठशाला देखना और सुनना न भूलें।
अभिभावकों के खाते में भेजे जा रहे 380 करोड़ रुपये
राशन के अलावा तेल, सब्जी, मसाला आदि के खर्च की रकम अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही है। प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए 4.48 रुपये रोज के हिसाब से 76 दिन के लिए 374.29 रुपये तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को 4.97 रुपये रोज के हिसाब से 561 रुपये दिए जा रहे हैं। इस तरह अभिभावकों के खाते में 380 करोड़ रुपये भेजे जा रहे हैं।